पुलिसकर्मियों को जान से मारने की कोशिश के दोषी मां व बेटे को तीन साल की सजा
बदायूं। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) सुरेंद्र पाल सिंह की कोर्ट ने पुलिस वालों को पेट्रोल उड़ेलकर जान से मारने के प्रयास, अवैध रूप से विस्फाेटक सामग्री बेचने, धमकी देने के मामले की सुनवाई कर आरोपियों में मां-बेटे को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दोनों को अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई है। दोषी गायत्री देवी और उसके बेटे कुबेर उर्फ शुभम निवासी बबराला, थाना गुन्नौर जिला संभल को तीन वर्ष की सजा के साथ ही 9500-9500 रुपये जुर्माना भी देना होगा।
थाना गुन्नौर में दर्ज रिपोर्ट में कहा गया था कि 21 अक्टूबर 2014 को एसआई महिला और पुरुष सिपाहियों के साथ धनतेरस के बाजार में शांति व्यवस्था की ड्यूटी कर रहा था।बबराला में गश्त करते हुए रेलवे फाटक के पास पहुंचे तो एक महिला व दो व्यक्ति सड़क पर मकान के सामने तख्तों पर विस्फोटक सामग्री पटाखा बम आदि बेच रहे थे। तीनों से विस्फोटक सामग्री रखने के संबंध में लाइसेंस मांगा और विस्फोटक सामग्री को निश्चित स्थान डिग्री कॉलेज बबराला पर दुकान लगाकर बेचने को कहा।
इस दौरान तीनों लोग विस्फोटक सामग्री बेचने का कोई लाइसेंस भी नहीं दिखा सके और पुलिस से झगड़ने लगे थे।रिपोर्ट में कहा गया है कि तीनों लोगों ने सात-आठ अन्य लोग बुला लिए और पुलिस पर हावी हो गए।कुबेर उर्फ शुभम ने सिपाही सोहन लाल के दाहिने हाथ की अंगुली दांतों से चबा ली,जिससे खून बहने लगा।किसी ने महिला सिपाही का हाथ पकड़कर खींचा।
इसी बीच योगेश ने एक बोतल (200एमएल) पेट्रोल लाकर पुलिस वालों पर फेंकने की कोशिश की, जो फेंकने से पहले ही छीन ली गई। फिर आरोपियों ने माचिस जलाकर विस्फोटक सामग्री में आग लगाकर पुलिस वालों को जान से मारने की कोशिश की।इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल से योगेश पुत्र नंद किशोर, गायत्री देवी पत्नी योगेश को गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने भागे हुए आरोपी कुबेर उर्फ शुभम व विधि विवादित किशोर पुत्रगण योगेश का पता रेलवे फाटक के पास बबराला,थाना गुन्नौर जनपद संभल बताया। आरोपियों के इस कृत्य से कस्बा बबराला की लोक व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो गई थी।
पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया।कोर्ट ने मामले की सुनवाई कर गवाहों,साक्ष्य और पत्रावली का अवलोकन कर दोषियों को सुजा सुनाई। कोर्ट ने विधि विवादित किशोर पुत्र योगेश की जुबनाइल पत्रावली अलग कर किशोर न्याय बोर्ड भेज दी थी। केस विचारण के दौरान आरोपी योगेश पुत्र नंद किशोर की मौत हो गई थी।कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी गायत्री और उसके बेटे कुबेर को सजा सुनाई है।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी

