अंतरराष्ट्रीयराष्ट्रीयउत्तर प्रदेशउत्तराखंडपंजाबहरियाणाझारखण्डऑटोमोबाइलगैजेट्सखेलनौकरी और करियरमनोरंजनराशिफलव्यवसायअपराध

---Advertisement---

उत्तराखंड में कुदरत के कहर से निपटने की मेगा रिहर्सल! बाढ़ और लैंडस्लाइड के बीच महा-रेस्क्यू, CM धामी ने खुद परखी तैयारी

On: July 2, 2026 5:59 PM
Follow Us:
---Advertisement---

देहरादून। पहाड़ों पर मानसून की दस्तक के साथ ही कुदरत के कहर का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति से निपटने और जान-माल का नुकसान कम करने के लिए उत्तराखंड सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। राज्य में मानसून की संभावित आपदाओं से निपटने के लिए एक ‘मेगा रिहर्सल’ (मॉक ड्रिल) का आयोजन किया गया, जिसमें बाढ़, भूस्खलन (लैंडस्लाइड) और हादसों के दौरान रेस्क्यू का सीधा अभ्यास किया गया।

लैंडस्लाइड में दबी बस, बाढ़ में फंसे लोग… और फिर शुरू हुआ महा-रेस्क्यू मॉक ड्रिल के दौरान बिल्कुल वैसी ही परिस्थितियां बनाई गईं, जैसी असल आपदा के वक्त होती हैं। कहीं लैंडस्लाइड के मलबे में बस दबने की स्थिति दर्शाई गई, तो कहीं बाढ़ के उफान में फंसे लोगों को बचाने का टास्क दिया गया। इस मेगा रिहर्सल में NDRF, SDRF, पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने शानदार समन्वय दिखाते हुए त्वरित गति से राहत एवं बचाव कार्य (Rescue Operation) को अंजाम दिया।

CM धामी ने कंट्रोल रूम से रखा पल-पल का अपडेट उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पूरी मेगा रिहर्सल को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने सीधे स्टेट डिजास्टर कंट्रोल रूम (State Disaster Control Room) में बैठकर पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की मॉनिटरिंग की। सीएम धामी ने अधिकारियों से पल-पल का अपडेट लिया और रिस्पांस टाइम (Response Time) को कम से कम रखने के सख्त निर्देश दिए।

‘आपदा में एक-एक सेकंड कीमती’ मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आपदा के समय हर एक सेकंड कीमती होता है। विभागों के बीच बेहतर तालमेल और आधुनिक उपकरणों के सही इस्तेमाल से ही आपदा के समय ज्यादा से ज्यादा जानें बचाई जा सकती हैं। इस मेगा रिहर्सल का मुख्य उद्देश्य यही परखना था कि असल चुनौती आने पर हमारी मशीनरी कितनी तेजी से रिस्पांस करती है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply