हरिद्वार: मोक्षदायिनी पतित पावनी मां गंगा के पृथ्वी पर अवतरण दिवस यानी ‘गंगा दशहरा’ के पावन अवसर पर आज धर्मनगरी हरिद्वार पूरी तरह से भक्तिमय नजर आ रही है। प्रसिद्ध ब्रह्मकुंड और हर की पैड़ी सहित गंगा के तमाम घाटों पर भोर से ही श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है। ‘हर-हर गंगे’ और ‘गंगा मैया की जय’ के जयकारों से पूरी धर्मनगरी गूंज रही है।
ब्रह्म मुहूर्त से ही शुरू हुआ महास्नान
गंगा दशहरा के इस विशेष पर्व पर स्नान करने के लिए उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों से लाखों श्रद्धालु बीती रात से ही हरिद्वार पहुंचना शुरू हो गए थे। सोमवार तड़के ब्रह्म मुहूर्त से ही हर की पैड़ी के ब्रह्मकुंड पर स्नान का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह लगातार जारी है। श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर सूर्य देव को अर्घ्य दिया और अपने तथा अपने परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की। स्नान के बाद मंदिरों में पूजा-अर्चना और घाटों पर दान-पुण्य करने वालों की भी भारी भीड़ देखी जा रही है।
गंगा दशहरा का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को ही भगीरथ के कठोर तप से प्रसन्न होकर मां गंगा स्वर्ग से शिवजी की जटाओं के रास्ते पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। मान्यता है कि गंगा दशहरा के दिन गंगा नदी में स्नान करने से मनुष्य के दस प्रकार के पाप (कायिक, वाचिक और मानसिक) नष्ट हो जाते हैं।
चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मेला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए हैं। पूरे मेला क्षेत्र को कई जोन और सेक्टर्स में बांटा गया है।
हर की पैड़ी और प्रमुख घाटों पर जल पुलिस (Jal Police) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को मुस्तैद किया गया है, ताकि कोई डूबने की घटना न हो।
जाम की स्थिति से निपटने के लिए शहर में भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित कर दिया गया है और रूट डायवर्जन लागू किया गया है।
सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए भीड़ पर लगातार नजर रखी जा रही है।
हरिद्वार जिला प्रशासन का अनुमान है कि आज देर शाम तक लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान का पुण्य लाभ अर्जित करेंगे।

