Ganga Expressway toll rates: उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े और महत्वाकांक्षी एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स में शामिल गंगा एक्सप्रेसवे पर अब मुफ्त यात्रा का दौर खत्म हो गया है। एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों को अब टोल टैक्स देना होगा। यह एक्सप्रेसवे न केवल पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश की दूरी को कम करता है, बल्कि अब यह सरकार के लिए राजस्व का भी एक बड़ा जरिया बनने जा रहा है। आइए, विस्तार से जानते हैं कि आपके वाहन के लिए मेरठ से प्रयागराज तक का सफर कितना महंगा होने वाला है।
गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली को चार मुख्य हिस्सों में बांटा गया है। मेरठ से बदायूं 129.7 किमी, बदायूं से हरदोई 151.7 किमी, हरदोई से उन्नाव 155.7 किमी और उन्नाव से प्रयागराज 156.8 किमी। कुल 594 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए अलग-अलग स्ट्रेच के हिसाब से शुल्क देना होगा।
कितना लगेगा टोल?
| वाहन | मेरठ से बदायूं तक टोल | बदायूं से हरदोई तक टोल | हरदोई से उन्नाव तक टोल | उन्नाव से प्रयागराज तक टोल | मेरठ से प्रयागराज तक टोल |
| दो और तीन पहिया वाहन/ट्रैक्टर | 220 रुपये | 240 रुपये | 245 रुपये | 200 रुपये | 905 रुपये |
| कार, जीप या वैन (LMV) | 435 रुपये | 480 रुपये | 485 रुपये | 400 रुपये | 1800 रुपये |
| हल्के कमर्शियल वाहनों | 685 रुपये | 755 रुपये | 765 रुपये | 635 रुपये | 2840 रुपये |
| बस/ट्रक | 1375 रुपये | 1515 रुपये | 1545 रुपये | 1285 रुपये | 5720 रुपये |
| मल्टी-एक्सल वाहन | 2105 रुपये | 2320 रुपये | 2360 रुपये | 1975 रुपये | 8760 रुपये |
| 7 से ज्यादा एक्सल वाले भारी वाहन | 2715 रुपये | 2985 रुपये | 3040 रुपये | 2525 रुपये | 11,275 रुपये |
FASTag अनिवार्य और सुरक्षा के इंतजाम
एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली पूरी तरह से फास्टैग के माध्यम से की जाएगी। बिना फास्टैग वाले वाहनों या ब्लैकलिस्टेड फास्टैग वाले वाहनों से दोगुना जुर्माना वसूला जा सकता है। टोल लागू होने के साथ ही एक्सप्रेसवे पर पेट्रोलिंग और एम्बुलेंस सेवाओं को भी और ज्यादा एक्टिव कर दिया गया है।
सफर होगा तेज और आरामदायक
गंगा एक्सप्रेसवे बनने के बाद मेरठ से प्रयागराज का सफर काफी आसान और तेज हो जाएगा। जहां पहले सड़क मार्ग से घंटों का समय लगता था, वहीं एक्सप्रेसवे के जरिए यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है। इस हाईवे पर आधुनिक सुविधाएं जैसे पेट्रोल पंप, फूड प्लाजा, एंबुलेंस सेवा और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन भी विकसित किए जा रहे हैं।

