Rollywood-मुंबई (गिरजा शंकर अग्रवाल): अपनी समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली इतिहास, लोक परंपराओं और रंग-बिरंगे जीवन के लिए पूरी दुनिया में मशहूर राजस्थान के सिनेमा को अब एक नई और सशक्त पहचान मिल गई है। अब तक केवल ‘राजस्थानी फिल्म इंडस्ट्री’ के दायरे में पहचाना जाने वाला यह सिनेमा जगत अब ‘रॉलीवुड’ (Rollywood) के नाम से जाना जाएगा।
क्या है ‘रॉलीवुड’ का अर्थ और कैसे पड़ा यह नाम? इस नए और आकर्षक नाम के पीछे एक बेहद गहरा अर्थ छिपा है। ‘रॉलीवुड’ में ‘रोली’ का तात्पर्य सिंदूर और राजस्थान की पवित्र व रंग-बिरंगी संस्कृति से है, जबकि ‘वुड’ शब्द इसे हॉलीवुड और बॉलीवुड जैसे बड़े फिल्म उद्योगों की प्रतिष्ठित श्रेणी के साथ जोड़ता है। राजस्थानी सिनेमा को यह अनूठा और शानदार नाम लेखक, गीतकार और भारतीय थल सेना से सेवानिवृत्त फौजी असलम कायमखानी द्वारा दिया गया है।
पूरी फिल्म बिरादरी से मिला भरपूर समर्थन असलम कायमखानी द्वारा सुझाए गए इस नाम को राजस्थान के लगभग सभी जिलों के कलाकारों, निर्माताओं, निर्देशकों और तकनीशियनों का व्यापक समर्थन मिला है। फिल्म जगत से जुड़े दिग्गजों का मानना है कि ‘रॉलीवुड’ नाम राजस्थानी सिनेमा के लिए एक सटीक, आधुनिक और सम्मानजनक पहचान है, जो इसे राष्ट्रीय स्तर पर एक अलग मुकाम दिलाएगा।
लगातार रिलीज हो रही हैं बेहतरीन फिल्में हाल के वर्षों में रॉलीवुड सिनेमा ने अपनी गति तेज की है और नई कहानियों के साथ कई बेहतरीन फिल्में दर्शकों तक पहुंचाई हैं। इनमें ‘ऑफलाइन’, ‘पॉइंट ज़ीरो’, ‘म्हारो श्याम’, ‘टाइगर ऑफ राजस्थान’ और ‘म्हारो काई कसूर’ जैसी फिल्में शामिल हैं, जिन्होंने सिनेमाघरों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं, इंडस्ट्री के बढ़ते कदम यहीं नहीं रुके हैं; आने वाले समय में दर्शकों के मनोरंजन के लिए ‘पिंजरा’ और ‘हथकड़ी’ जैसी फिल्मों की शूटिंग भी जोरों पर चल रही है।
नीलू वाघेला जैसी हस्तियों का रहा है अहम योगदान रॉलीवुड के ऐतिहासिक सफर की बात करें तो राजस्थानी सिनेमा की पहली फिल्म ‘नज़राना’ को माना जाता है। इस इंडस्ट्री को वर्तमान मुकाम तक पहुंचाने और इसे लोकप्रिय बनाने में जानी-मानी अभिनेत्री नीलू वाघेला का भी अहम योगदान रहा है। नीलू वाघेला ने न सिर्फ राजस्थानी फिल्मों में अपनी धाक जमाई, बल्कि मुंबई जाकर लोकप्रिय टीवी धारावाहिक ‘दीया और बाती हम’ (भाभो के किरदार) के जरिए भी घर-घर में अपनी एक मजबूत पहचान बनाई।
आज ‘रॉलीवुड’ तेजी से आगे बढ़ रहा है। अपनी माटी की महक और अनूठी कहानियों के दम पर यह आने वाले समय में केवल राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी एक मजबूत और विशिष्ट पहचान बनाने की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ा रहा है।

