मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त सरकारी दफ्तरों में शुमार जिलाधिकारी (DM) कार्यालय में उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब वहां स्थित रिकॉर्ड रूम में कई ‘कब्र बिज्जू’ (Kabar Bijju) देखे गए। सरकारी दस्तावेजों की सुरक्षा के लिए बने इस बेहद संवेदनशील और शांत कमरे में इन जंगली जानवरों की मौजूदगी ने कर्मचारियों के होश उड़ा दिए। सूचना मिलते ही वन विभाग (Forest Department) की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद एक कब्र बिज्जू को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। हालांकि, संकट अभी टला नहीं है, क्योंकि वन विभाग के मुताबिक रूम के अंदर और भी बिज्जू छिपे हो सकते हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए एक विशेष टीम मुस्तैद कर दी गई है।
मुरादाबाद डीएम ऑफिस में दहशत का माहौल
डीएम कार्यालय का रिकॉर्ड रूम वह जगह है जहां जिले के सालों पुराने और अति-महत्वपूर्ण दस्तावेज सहेज कर रखे जाते हैं। आमतौर पर यहां शांति रहती है, लेकिन जैसे ही कर्मचारियों को फाइलों के बीच कब्र बिज्जू के छिपे होने की भनक लगी, वहां हड़कंप मच गया। डर के मारे कर्मचारियों ने कमरे में जाना बंद कर दिया। आनन-फानन में जिले के आला अधिकारियों और वन विभाग को इस आपात स्थिति की सूचना दी गई ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके और सरकारी रिकॉर्ड्स को भी नुकसान से बचाया जा सके।
कैसे हुआ रेस्क्यू? वन विभाग का बड़ा ऑपरेशन
सूचना मिलते ही वन विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया टीम (QRT) साजो-सामान के साथ डीएम कार्यालय पहुंच गई।
एक का सफल रेस्क्यू: वन विभाग के कर्मचारी निजाम के नेतृत्व में टीम ने सावधानीपूर्वक जाल बिछाया और एक कब्र बिज्जू को सफलतापूर्वक पिंजरे में कैद कर लिया।
जंगल में छोड़ने की तैयारी: निजाम ने स्पष्ट किया कि पकड़े गए वन्यजीव को बिना कोई नुकसान पहुंचाए शहर से दूर प्राकृतिक आवास (जंगल) में सुरक्षित छोड़ दिया जाएगा।
7 से 8 लोगों की टीम तैनात: चूंकि यह आशंका जताई जा रही है कि रिकॉर्ड रूम के अंधेरे और शांत कोनों में अभी और भी कब्र बिज्जू मौजूद हैं, इसलिए वन विभाग ने 7 से 8 अनुभवी कर्मचारियों की एक विशेष टीम को वहां तैनात कर दिया है।
अभी भी टला नहीं है खतरा, तलाशी अभियान जारी
जब तक पूरा कमरा सुरक्षित घोषित नहीं हो जाता, तब तक वन विभाग का सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा। टीम हर एक कोने की बारीकी से जांच कर रही है ताकि कर्मचारियों का डर खत्म हो और वे वापस अपने काम पर लौट सकें।
क्या है कब्र बिज्जू और क्यों लगता है इससे इतना डर?
आम जनमानस में कब्र बिज्जू को लेकर कई तरह की भ्रांतियां और खौफ रहता है।
खतरनाक प्रवृत्ति: स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इसे बेहद खतरनाक माना जाता है। हालांकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह सीधे तौर पर सांप की तरह ‘जहरीला’ नहीं होता, लेकिन इसके दांत और पंजे बेहद नुकीले होते हैं।
संक्रमण का खतरा: यदि यह घबराकर या आत्मरक्षा में किसी इंसान को काट ले, तो इसके लार में मौजूद खतरनाक बैक्टीरिया से रेबीज या अन्य गंभीर संक्रमण (Infection) हो सकते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकते हैं।
अंधेरे का प्रेमी: यह जीव अक्सर शांत, एकांत और अंधेरी जगहों (जैसे पुराने खण्डहर, कब्रिस्तानों या बंद कमरों) में छिपना पसंद करता है। डीएम ऑफिस का रिकॉर्ड रूम इसके लिए एक सुरक्षित ठिकाने जैसा था।
शहरी इलाकों में क्यों बढ़ रहा है वन्यजीवों का दखल?
मुरादाबाद की यह घटना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण वन्यजीवों और इंसानों के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। जंगलों की कटाई और प्राकृतिक आवासों के सिमटने के कारण अक्सर जंगली जानवर भोजन या सुरक्षित आश्रय की तलाश में रिहायशी और आधिकारिक इमारतों का रुख करने लगे हैं। ऐसे में आम नागरिकों और प्रशासन दोनों को ही पर्यावरण और वन्यजीवों के प्रति अधिक जागरूक रहने की आवश्यकता है।

