T20 World Cup 2026-स्पोर्ट्स डेस्क टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) के सुपर-8 मुकाबले में साउथ अफ्रीका के खिलाफ टीम इंडिया को 76 रनों की करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। इस हार के बाद न सिर्फ भारत का 12 मैचों का अजेय रिकॉर्ड टूट गया है, बल्कि कप्तान सूर्यकुमार यादव की रणनीतियों पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने टीम इंडिया की कप्तानी और गेंदबाजी रोटेशन पर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की है।
7 से 15 ओवर के बीच हाथ से निकला मैच
मोहम्मद कैफ ने मैच का सटीक विश्लेषण करते हुए बताया कि भारत ने यह मैच शुरुआत में नहीं, बल्कि 7वें से 15वें ओवर के बीच गंवाया।
अहम साझेदारी: इसी दौरान साउथ अफ्रीका के धाकड़ बल्लेबाज डेविड मिलर और डेवाल्ड ब्रेविस के बीच एक मजबूत साझेदारी पनपी, जिसने पूरे मैच का रुख बदल दिया।
विकेट की तलाश: भारतीय स्पिनर्स और अन्य तेज गेंदबाज इस क्रूशियल समय में इस साझेदारी को तोड़ने में पूरी तरह नाकाम रहे, जिससे टीम इंडिया मैच में पिछड़ती चली गई।
बुमराह के इस्तेमाल पर उठे गंभीर सवाल
कैफ ने सबसे बड़ी गलती जसप्रीत बुमराह के गेंदबाजी स्पेल के सही इस्तेमाल न होने को माना।
मिडिल ओवर्स में बुमराह की कमी: बुमराह जैसे ‘मैच विनर’ गेंदबाज को बीच के ओवरों में साझेदारी तोड़ने के लिए लाया जाना चाहिए था।
देर से हुई वापसी: शुरुआती ओवरों में क्विंटन डी कॉक और रयान रिकेल्टन जैसे बड़े विकेट निकालने के बाद बुमराह को काफी देर तक गेंदबाजी नहीं दी गई। जब उन्हें 17वें ओवर में वापस लाया गया, तब तक विपक्षी टीम एक बेहद मजबूत स्कोर की ओर बढ़ चुकी थी।
रोहित शर्मा की कप्तानी से हुई तुलना
सूर्यकुमार यादव की इस रणनीतिक चूक पर बात करते हुए कैफ ने पूर्व कप्तान रोहित शर्मा का उदाहरण दिया।
उन्होंने याद दिलाया कि रोहित हमेशा पावरप्ले के बाद मिडिल ओवर्स में बुमराह को वापस लाते थे।
इस रणनीति से न केवल विपक्षी टीम की रन गति पर ब्रेक लगता था, बल्कि विकेट मिलने की संभावना भी काफी बढ़ जाती थी।
सेमीफाइनल की डगर हुई बेहद कठिन
टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में यह भारत की दूसरी सबसे बड़ी हार है। इस करारी शिकस्त ने टीम इंडिया के लिए सेमीफाइनल के दरवाजे सकरे कर दिए हैं।
आगे की चुनौती: टूर्नामेंट में बने रहने और सेमीफाइनल में प्रवेश करने के लिए अब भारत को अपने बाकी बचे दोनों मुकाबले बड़े अंतर से जीतने होंगे।
नेट रन रेट (NRR): सिर्फ जीत ही काफी नहीं होगी, बल्कि टीम को अपना नेट रन रेट भी काफी बेहतर करना होगा।
अब सारा दारोमदार टीम मैनेजमेंट पर है कि वह आने वाले मैचों में अपनी गलतियों से सबक लेते हुए सही रणनीति और गेंदबाजी रोटेशन के साथ मैदान पर उतरे।

