शीतलहर का ‘रेड अलर्ट’ और बच्चों की सुरक्षा
जनपद में पिछले कुछ दिनों से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। सुबह के समय घना कोहरा न केवल दृश्यता (visibility) कम कर रहा है, बल्कि स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम भी पैदा कर रहा है। इसी को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने नर्सरी से कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है। यह आदेश जनपद के सभी परिषदीय, मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त, राजकीय, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय और अन्य सभी बोर्ड (CBSE/ICSE) के स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा।
नया एंगल: फिजिकल स्कूल बंद, पर क्या पढ़ाई जारी रहेगी?
आमतौर पर ऐसी छुट्टियों को केवल ‘विंटर वेकेशन’ के रूप में देखा जाता है, लेकिन इस बार एक नया आयाम सामने आ रहा है। मुरादाबाद के कई निजी स्कूलों ने बच्चों के लर्निंग लॉस को रोकने के लिए इन छुट्टियों के दौरान ‘डिजिटल क्लास’ का विकल्प तलाशना शुरू कर दिया है।
- स्मार्ट लर्निंग: क्या कोहरे की छुट्टियों में व्हाट्सएप ग्रुप और जूम क्लासेज फिर से सक्रिय होंगी?
- अभिभावकों की चिंता: कामकाजी माता-पिता के लिए घर पर बच्चों की देखभाल और उनकी शिक्षा के बीच संतुलन बनाना एक चुनौती बन गया है।
आदेश का उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि इस निर्देश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। यदि कोई विद्यालय इस आदेश के बावजूद कक्षाएं संचालित करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की जाएगी। यह अवकाश विशेष रूप से छोटे बच्चों (कक्षा 8 तक) के लिए है ताकि उन्हें सुबह की जानलेवा ठंड से बचाया जा सके।
प्रशासन की तैयारी और प्रतिलिपि प्रेषण
यह आदेश केवल कागज तक सीमित न रहे, इसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को भी सूचनाार्थ भेजा गया है। मुरादाबाद प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा है ताकि शीतलहर से होने वाली बीमारियों से निपटा जा सके।

