Bangladesh Hindus Atrocities Protest- मुरादाबाद। पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे कथित अत्याचारों के खिलाफ उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। हिंदू संगठनों की ओर से इन घटनाओं का विरोध जोरदार तरीके से हो रहा है। शनिवार को श्री रामलीला महासंघ के अध्यक्ष राजेश रस्तोगी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और जोरदार प्रदर्शन किया। लोगों ने अपना आक्रोश खुलकर जाहिर किया, जिससे शहर में माहौल गर्म हो गया।
प्रदर्शन में लगे जोरदार नारे
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पूरी ताकत से “बांग्लादेश मुर्दाबाद” के नारे लगाए। बांग्लादेश सरकार के खिलाफ जमकर नाराजगी दिखाई गई। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना था कि वहां हिंदू समुदाय को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है। मारपीट, हिंसा और यहां तक कि हत्याओं जैसी खौफनाक घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि हिंदू समाज ऐसी हरकतों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। लोग हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर चल रहे थे, जिन पर बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा की मांग लिखी थी।
सुनियोजित साजिश का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने गंभीर आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदुओं को प्लान करके टारगेट किया जा रहा है। ये अत्याचार रुकने का नाम नहीं ले रहे। कार्यकर्ताओं का कहना था कि ये घटनाएं सिर्फ छिटपुट नहीं हैं, बल्कि एक बड़ी साजिश का हिस्सा लगती हैं। इस दौरान सभी ने एक स्वर में भारत सरकार से अपील की कि वो इस मामले में सख्ती से दखल दे। खासतौर पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की गई।
भारत सरकार से अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की अपील
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से गुजारिश की कि वो अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बांग्लादेश पर दबाव बनाए। ताकि वहां हिंदू समुदाय की सुरक्षा पक्की हो सके। उनका कहना था कि भारत जैसे बड़े देश की जिम्मेदारी बनती है कि वो अपने पड़ोसी में अल्पसंख्यकों की रक्षा के लिए आवाज उठाए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन लोगों का गुस्सा साफ झलक रहा था। श्री रामलीला महासंघ के बैनर तले ये प्रदर्शन शहर के मुख्य इलाकों से गुजरा और काफी लोगों का ध्यान खींचा।
मुरादाबाद में ये विरोध सिर्फ एक घटना नहीं है, बल्कि पूरे देश में बांग्लादेश की घटनाओं को लेकर फैले आक्रोश का हिस्सा है। लोग सोशल मीडिया पर भी अपनी नाराजगी जता रहे हैं। उम्मीद है कि ये आवाजें बांग्लादेश तक पहुंचेंगी और वहां हालात जल्द सुधरेंगे। हिंदू संगठन आगे भी ऐसे प्रदर्शनों की योजना बना रहे हैं, ताकि ये मुद्दा ठंडा न पड़े।

