भोपाल। मुख्यमंत्री Mohan Sarkar ने प्रदेश में कोल्ड्रिफ सीरप के विक्रय पर पूरी तरह से प्रतिबंध के पालन के साथ ही दुकानों से उसका स्टाक जब्त करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से उन्होंने कहा है कि छिंदवाड़ा और आसपास के जिलों में जिन परिवारों ने यह सीरप ली है, उनके घरों से इसे वापस लेने के लिए अभियान चलाया जाए।
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इसमें आशा कार्यकर्ताओं के साथ ही सभी शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों का सहयोग लें। विक्रय के लिए मेडिकल स्टोरों पर उपल्ब्ध अन्य दवाओं की प्रभावशीलता का भी आकलन कराया जाए। सुनिश्चित किया जाए कि दवाओं पर जो चेतावनी और सावधानियां लिखी जानी चाहिए, वह लिखी जा रही हैं या नहीं इसकी जांच करें। निर्धारित मापदंड की अवहेलना कर जो चिकित्सक चार वर्ष से छोटे बच्चों को कफ सीरप देने की सलाह दे रहे हैं, उन पर भी कार्रवाई करें। सोमवार सुबह अपने आवास पर बुलाई उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को यह निर्देश दिए थे
मध्य प्रदेश से सबक लेकर दूसरे राज्य उससे आगे निकले Mohan Sarkar
बता दें कि नौ बच्चों की मौत के बाद राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश भर में चार अक्टूबर को कफ सीरप पर प्रतिबंध लगाया, जबकि राजस्थान सरकार एक बच्चे के दम तोड़ने के बाद एक्शन में आई और प्रदेश भर में रोक लगाई। प्रदेश का औषधि प्रशासन विभाग का अमला एक सप्ताह में सैंपलों की जांच नहीं कर पाया, जबकि मध्य प्रदेश के कहने पर तमिलनाडु ने 48 घंटे में ही रिपोर्ट दे दी। पूरे राज्य में सीरप पर प्रतिबंध लगा दिया। जबकि राजस्थान सरकार ने ड्रग कंट्रोलर को निलंबित कर दिया। उसके तीन दिन बाद मप्र में कार्रवाई हुई। वहीं, बीमारी का पता नहीं होने के बाद भी पोस्टमार्टम नहीं कराया गया।

