सिलीगुड़ी। उत्तर Bengal के दार्जिलिंग और डुवार्स में रविवार को भारी बारिश और भूस्खलन में मरने वालों की संख्या 29 हो गई है। नागराकाटा में और चार शव बरामद किए गए, जहां रविवार को एक पूरा गांव तेज बहाव की चपेट में आ गया था। मौसम में सुधार होने से राहत कार्य कार्य में तेजी आई है। इस बीच सोमवार को राज्यपाल सीवी आनंद बोस, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लेने सिलीगुड़ी पहुंचे।
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Bengal : सिलीगुड़ी-दार्जिलिंग मार्ग पर यातायात शुरू
दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी जिलों में 12 घंटों में 300 मिमी से अधिक बारिश ने तबाही मचाई थी। इस दौरान पहाड़ी ढलानों के धंसने और नदियों के उफान से सैकड़ों लोग बेघर हुए और कई पर्यटक फंस गए थे। दार्जिलिंग को जोड़ने वाली सड़कें ठीक की जा रहीं हैं। कुछ पर्यटकों को सिलीगुड़ी पहुंचाया गया है।
दार्जिलिंग के पुलिस अधीक्षक प्रवीण प्रकाश ने बताया कि वैकल्पिक मार्गों से यातायात शुरू किया गया है। सिलीगुड़ी-दार्जिलिंग मार्ग पर यातायात शुरू हो गया है, लेकिन मिरिक अभी भी कटा हुआ है।
उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदयन गुहा ने बताया कि राहत अभियान जारी होने के बावजूद मरने वालों की संख्या बढ़ने का खतरा है। अब तक 29 लोग मारे गए हैं और छह लापता हैं। राहत और बचाव दल को पहाड़ी क्षेत्र में 40 से अधिक भूस्खलन स्थलों तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है, क्योंकि कई क्षेत्रों में संपर्क टूट गया है। डुवार्स के नागराकाटा के बामनडांगा में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है।

