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सहसवान थाना क्षेत्र में गोवंशीय पशुओं के मिल रहे अवशेषों के मामले में थाना पुलिस में एक और मुकदमा अज्ञात लोगों के विरुद्ध पूर्व प्रधान ने कराया दर्ज 

On: September 15, 2025 11:38 PM
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सहसवान थाना क्षेत्र में गोवंशीय पशुओं के मिल रहे अवशेषों के मामले में थाना पुलिस में एक और मुकदमा अज्ञात लोगों के विरुद्ध पूर्व प्रधान ने कराया दर्ज 

रविवार को भी गोवंशीय पशुओं के मिले अवशेष के मामले में उपनिरीक्षक ने अज्ञात लोगों के विरुद्ध कराया था मामला दर्ज

अब तक कोतवाली क्षेत्र में दो मामले हुए दर्ज, जांच प्रभारी निरीक्षक स्वयं करेंगे

थाना क्षेत्र में लगातार मिल रहे गोवंशीय पशुओं के अवशेषों से क्षेत्रीय जनता पुलिस की कार्य प्रणाली को मान रही है संदिग्ध

सहसवान (बदायूं) थाना कोतवाली सहसवान क्षेत्र में बीते दो दिनों से लगातार एक ही क्षेत्र (भूड) में मिल रहे गोवंशीय पशुओं के अवशेषों से लगता है।कि उपरोक्त क्षेत्र गोवंशीय पशु तस्करो के लिए सुरक्षित स्थान मिल गया है।जिसके कारण गोवंशीय पशु तस्करों ने बीते एक पखवाड़े में दर्जनों गोवंशीय पशुओं की निर्मम हत्या करके उनके मांस को ले जाकर क्षेत्र में ऊंचे दामों पर बेच दिया तथा उनके अवशेषों को जंगल में डालकर नौ दो ग्यारह हो गए।

जंगल में पड़े हुए अवशेषों पर कुत्ते जंगली पशु पक्षी चील के भ्रमण से लोगों को आभास हुआ की जंगल में कहीं ना कहीं मांस के अवशेष पड़े हुए हैं जिसके कारण भारी तादाद में चल जंगली पशु कुत्ते उसे नोच नोच कर खा रहे हैं।जानकारी मिलने पर लोगों ने थाना पुलिस एवं पशु प्रेमी बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को मामले की जानकारी दी जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे पशु प्रेमी बजरंग दल के कार्यकर्ता एवं पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर भारी मात्रा में गोवंशीय पशुओं के अवशेषों को बरामद कर अज्ञात लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया एक मामला उपनिरीक्षक रामायण सिंह जबकि दूसरा मामला समाज सेबी पूर्व प्रधान प्रशांत शर्मा निवासी खंदक द्वारा दर्ज कराए गए हैं।

दोनों ही दर्ज किए गए अपराधों की जांच तेज तर्रार प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र बहादुर सिंह स्वयं कर रहे हैं।गौरतलब है।सहसवान थाना कोतवाली क्षेत्र भूड के जंगल ग्राम आनंदीपुर में अजब सिंह पुत्र छत्रपाल के खेत में स्थित एक कुएं से जेसीबी के माध्यम से चार गोवंशीय पशुओं के सर पांच के कंकाल तथा जबड़े तथा एक खाल सड़ी हुई बरामद की है।

मामले की रिपोर्ट उपनिरीक्षक रामायण सिंह द्वारा अपराध संख्या 321 धारा पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 3,5,8, के अंतर्गत अज्ञात लोगों के विरुद्ध दर्ज कराई गई है।जबकि रविवार की शाम ग्राम पंचायत खंदक के पूर्व प्रधान प्रशांत बाबू पुत्र श्री रमेश चंद्र शर्मा द्वारा जंगल ग्राम खंदक गुलजार का खेत ग्राम जुनेदपुर के जंगल में चार गोवंशीय पशुओं के अवशेष प्राप्त होने की जानकारी का मामला अपराध संख्या 384 धारा गोवंशीय पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 3,5,8, के अंतर्गत अज्ञात लोगों के विरुद्ध दर्ज कराया गया पुलिस ने दोनों मामले दर्ज कर लिए हैं।तथा मामले की जांच प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र बहादुर सिंह ने स्वयं अपने हाथ में ली है।बताया जाता है की गोवंशीय पशु तस्करों को भूड क्षेत्र का जंगल सबसे ज्यादा मुफीद है।मुफीद भी क्यों न हो क्योंकि उपरोक्त जंगल में भारी तादाद में गोवंशीय घुमंतू पशु जंगल में टहल रहे हैं।और तो और जंगल भी बहुत बड़ा है।दूर-दूर तक आबादी नहीं है अगर आबादी भी है तो बहुसंख्यक लोगों की और दूर-दूर तक कोई भी थाना कोई भी पुलिस चौकी या पुलिस दिखाई नहीं देती है।इससे पूर्व भी कई वर्ष पूर्व उपरोक्त भूड क्षेत्र में गोवंशीय पशुओं के अवशेष मिल चुके हैं।यह कोई मामला नया नहीं है उपरोक्त क्षेत्र में गोवंशीय पशुओं के अवशेष मिलने का सिलसिला निरंतर जारी है।सूत्रों का कहना है।कि उपरोक्त गोवंशीय तस्कर महाबा पार या बेसबाड़ा क्षेत्र उनके लिए इसलिए मुफीद नहीं है।कि उपरोक्त क्षेत्र में अक्सर पुलिस पैकेट पुलिस टीम का भ्रमण होता रहता है।और इधर क्षेत्र में आबादी भी काफी तादाद में अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों की है लोगों का मानना है की गोवंशीय पशु तस्कर घुमंतू पशुओं की हत्या करके अपने साथ ले वाहन में उनका मांस डालकर पल भर में ही रफू चक्कर हो जाते हैं।और उनके अवशेष जंगल में जंगली पशुओं पक्षियों के विचरण के लिए छोड़ जाते हैं।क्योंकि उपरोक्त जंगल में दूर-दूर तक आबादी नहीं है लोगों का आना-जाना नहीं होता।

जबकि क्षेत्र के लोगों का कहना है कि उन्हें रात के समय गाड़ियों के दौड़ने की आवाज़ तो आती हैं परंतु वह यह सोचकर घरों से नहीं निकलते की पुलिस मूवमेंट पर होगी परंतु ऐसा नहीं होता क्षेत्र के लोगों की इसी आदत को देखकर गोवंशीय पशु तस्कर भूड क्षेत्र गोवंशीय पशुओं की हत्या करने के लिए सुरक्षित स्थान मानकर ताबड़तोड़ गोवंशीय पशुओं की हत्या कर उनके मांस को दूर दराज लेकर बेचकर मोटा पैसा पैदा कर रहे हैं।

जबकि सूत्रों का कहना है कि ऐसा नहीं की पुलिस को गोवंशीय पशु तस्करों के मामले में जानकारी ना हो परंतु उनकी चुप्पी संदिग्ध कार्य प्रणाली पर सवाल उठा रही है की चुस्त दुरुस्त प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र बहादुर सिंह के नेतृत्व में सहसवान थाना कोतवाली पुलिस की कार्य प्रणाली को अब क्षेत्रीय जनता क्यों संदिग्ध रूप में देख रही है।

बरहाल लगातार दोनों दिन मिले दर्जन भर गौवंशीय पशुओं के मिले अवशेषों की घटनाओं पर थाना कोतवाली सहसवान दर्ज हुए दो मामलों की जांच प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र बहादुर सिंह ने स्वयं अपने हाथों में ली है।

अब देखना है की राजेंद्र बहादुर सिंह भूढ क्षेत्र में गोवंशीय पशुओं की हो रही तस्करी को रोक पाने में सफल होते हैं। या असफल यह तो आने वाला समय ही बताएगा।परंतु इतना निश्चित है की गोवंशीय पशुओं की तस्करी के लिए गोवंशीय पशु तस्करों को भूड क्षेत्र सुरक्षित स्थान के रूप में मिल गया है जिसे पुलिस को भेद पाना,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

रिपोर्ट – एस.पी सैनी (समर इंडिया)

Aman Kumar Siddhu

He has 19 years of experience in journalism. Currently he is the Editor in Chief of Samar India Media Group. He lives in Amroha, Uttar Pradesh. For contact samarindia22@gmail.com

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