शाम सी नम रातों सी भीनी भोर सी है उजियारी मां, मुझ में बस थोड़ी सी में हूं बाकी मुझ में सारी मां :-मुख्य अतिथि कवयित्री
डॉ,सोनरूपा विशाल
सहसवान (बदायूं)संघटक राजकीय महाविद्यालय सहसवान में हिन्दी विभाग द्वारा ‘हिन्दी भाषा उत्सव’ के आयोजन में अन्तर्राष्ट्रीय कवयित्री र्डॉ सोनरुपा विशाल की कविताओं की धूम मची एवं कैरियर काउंसलिंग।
संघटक राजकीय महाविद्यालय सहसवान में प्राचार्य डॉ गुरुदीप सिंह उप्पल के नेतृत्व में हिन्दी विभाग द्वारा हिन्दी भाषा उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ गुरुदीप सिंह उप्पल व मुख्य अतिथि डॉ सोनरुपा विशाल द्वारा दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ हुआ।

डॉ सुरजीत सिंह मौर्य ने कहा -छात्र-छात्राओं को हिंदी को समझने का एक सुअवसर प्राप्त हुआ, जिसके द्वारा छात्र-छात्राओं में गीत ,गजल एवं कविता को समझने का मौका व साथ ही उनके मौलिक चिंतन को गति प्रदान होगी।कार्यक्रम संयोजिका डॉ शुभ्रा माहेश्वरी ने कार्यक्रम की रुपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस कार्यक्रम द्धारा बी. ए व एम. ए के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय काव्य ,डॉ उर्मिलेश शंखधार व ग़ज़लों पर प्रोजेक्ट तैयार किये जाने में सहायता प्राप्त।छात्र-छात्राओं को गजल एवं गीत से परिचय कराने का यह एक सुंदर माध्यम है।हिन्दी में संबंधो को अलग-अलग शब्दो से संबोधित करने का माध्यम हमारी मातृभाषा में ही है।
मुख्य अतिथि प्रसिद्ध कवयित्री डॉ सोनरुपा विशाल ने कहामैं उनसे जन्मी नदियां हूं मेरे दोनों छोर पिता। पिता को समर्पित रचना तो दूसरी ओर मां को समर्पित रचना प्रस्तुत करते हुए कहा – शाम सी नम रातों सी भीनी भोर सी है उजियारी मां।
मुझमें बस थोड़ा सी मैं हूं बाकी मुझमें सारी मां।।
हिन्दी भाषा का दिवस एक दिन नहीं हमारा रोज है।
असिस्टेंट प्रोफेसर इतिहास डॉ नवीन ने कविता के द्वारा आज के परिवेश पर प्रकाश डाला।असिस्टेंट प्रोफेसर बाटनी डॉ शुभ्रा शुक्ला ने हिन्दी साहित्य की विधा भजन के माध्यम से सुरलय तान का महत्व रखा।
सरस्वती वंदना कु. जिकरा ने प्रस्तुत की। कु.गुलिस्तां बी ने कविता प्रस्तुत की।आन्या साहू , अर्पिता, शिवानी ने समूह गीत प्रस्तुत किया।
एम .एस सी जूलाजी के विद्यार्थी हुस्ने नबी ने कविता की धूम मचाई नबीं ने कहा -” इंसान का जमीर कभी भी मर नहीं सकता जमीर जिसका मर जाये वो इंसान हो नही सकता।”व छात्रा सिद्धि माहेश्वरी व रिद्धी माहेश्वरी ने कविता वाचन किया। मेघा व शगुन साहू, गुलिस्तां व नीतू ने हिन्दी बीमार है नाटक प्रस्तुत किया।आन्या साहू ने बहुत सुंदर सैल्फी प्वाइंट बनाया जिसे देखकर सभी फोटो खींचने के लिए सम्मोहित हो गये।तो प्रियंका ने पोस्टर बनाकर हिन्दी का महत्व समझाते हुए अंकित किया कि हम अपने हस्ताक्षर हिन्दी में ही करें।। हिन्दी अक्षरों पर सुंदर फोल्डिंग रंगोली अर्पिता,आन्या साहू, रानी,रत्नेश आदि ने बनाई।एम .ए हिन्दी के विद्यार्थी खाबर हसन ने सोनरुपा का चित्र बनाकर उन्हें भेंट किया।
हिन्दी दिवस पर प्रस्तुति देने वाले विद्यार्थियों व वालिंटियर में खाबर हसन, मौहम्मद फैज व सार्थक सक्सेना को प्राचार्य द्वारा पुरस्कृत किया गया।शिक्षक वर्ग में डॉ शुभ्रा शुक्ला,डॉ नीति सक्सेना, डॉ रजनी गुप्ता, डॉ पारुल अग्रवाल, डॉ नवीन,डॉ सुरजीत सिंह मौर्य,सूर्य प्रताप गौतम ,डॉ शुभ्रा माहेश्वरी आदि उपस्थिति रही।
छात्र छात्राओं में सैय्यद खाबर हसन, सना, अदीबा,अरीजा नकबी, प्रियंका ,रत्नेश ,मेघा, शगुन, रिमझिम आदि ने सहयोग किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ शुभ्रा माहेश्वरी ने किया। आभार सह संयोजक डॉ सुरजीत सिंह मौर्य ने किया।
नारायण कालेज बरेली से वंशिता सक्सेना ने कैरियर काउंसलिंग करते हुए भविष्य में किये जाने वाले कार्यो व कोर्सेज के द्धारा भविष्य बेहतर बनाने के बारे में टिप्स दिए।तो नारायण कालेज बरेली की ही काजल ने बताया कि हम लोग विभिन्न कोर्सेज के द्धारा अपने भविष्य को चुन सकते हैं।
प्राचार्य डॉ गुरुदीप सिंह उप्पल ने कार्यक्रम की सराहना की।कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम संयोजिका डॉ शुभ्रा माहेश्वरी सह मीडिया प्रभारी/मंच संचालिका/असिस्टेंट प्रोफेसर ने किया।
रिपोर्ट – एस.पी सैनी (समर इंडिया)

