India अब लड़ाकू विमान के इंजन के लिए अमेरिका पर निर्भर नहीं रहेगा। डीआरडीओ और फ्रांसीसी कंपनी सफ्रान मिलकर स्वदेशी इंजन बनाएंगे। सरकार जल्द ही इस परियोजना को मंजूरी दे सकती है जिससे भारत में ही 120 किलोन्यूटन इंजन का विकास होगा। इस परियोजना में शत प्रतिशत प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण होगा।
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India इसके लिए शत प्रतिशत प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण किया जाएगा
इस परियोजना के तहत सफ्रान भारत के स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान के लिए उन्नत जेट इंजन का विकास और निर्माण में मदद करेगी। इस परियोजना का उद्देश्य दोहरे इंजन वाले उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (एएमसीए) के लिए भारत में उन्नत 120-किलोन्यूटन इंजन का विकास और उत्पादन करना है। इसके लिए शत प्रतिशत प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण किया जाएगा।

