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प्रेमी युगल हत्याकांड: जात-पात बनी वजह, मृतका के माता-पिता और दादा को उम्रकैद, खूंटी पर लगे खून ने दिलाई सजा..

On: September 10, 2025 2:44 PM
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प्रेमी युगल हत्याकांड: जात-पात बनी वजह, मृतका के माता-पिता और दादा को उम्रकैद, खूंटी पर लगे खून ने दिलाई सजा..

बदायं।बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव परौली में 20 माह पहले हुए दोहरे हत्याकांड को अपर सत्र न्यायाधीश फराह महतूब की अदालत ने जातपात की वजह से हत्या होना माना है। साथ ही खूंटी पर लगे खून को साक्ष्य और गवाहों को सुनते हुए युवती के माता-पिता और दादा को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

कोर्ट में अभियुक्त महेश, उसकी पत्नी भागवती और पिता रामौतार ने तर्क दिया कि एफआईआर में उन्हें झूठा नामित किया है। उन्होंने कोर्ट में तर्क रखा कि मृतक जयपाल के परिवार से इन लोगों का कोई मेलजोल नहीं था। कभी आना व जाना भी नहीं था, लेकिन जयपाल व उनकी बेटी के बीच प्रेम-प्रसंग चल रहा था। दोनों अलग-अलग जाति के थे।

कोर्ट ने कहा कि अभियोजन अपने साक्ष्य से यह सिद्ध करने में सफल रहा है कि जयपाल व उसकी प्रेमिका की हत्या की है।दोनों अलग-अलग जाति के थे। इसी कारण घरवाले उनके इस रिश्ते के खिलाफ थे।अभियुक्तों को ऐसा महसूस हुआ कि अगर उनकी बेटी जयपाल से विवाह करती तो उनकी इज्जत, प्रतिष्ठा धूमिल होगी।अभियुक्तों ने खुद को निर्दोष साबित करने का कोई सबूत नहीं दिया। इसके अलावा अभियुक्त महेश, पत्नी भागवती अपने नाबालिग दो बेटों के साथ बेटी को लेने जयपाल के घर गए। वहां से अभियुक्तों ने अपनी बेटी और जयपाल को खींचकर फावड़े व डंडो से हत्या कर दी। बरामद शव के साथ ही मिट्टी और खूंटी पर लगा खून, चश्मदीदों की गवाही महत्वपूर्ण साबित हुई है।

जयपाल पर फावड़े से 11 तो युवती पर किए थे छह वार:-पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक युवक पर फावड़े से 11 वार तथा युवती पर छह वार किए गए थे। इससे साफ है कि हत्यारोपियों के सिर पर हत्या का भूत सवार था। क्रोध का बेग इतना तेज था कि फावड़े से तब तक प्रहार किए गए तब तक उनकी मौत न हो गई।

ऑनर किलिंग साबित करने पर अड़े रहे परिजन और वकील:- प्रेमी युगल को फावड़े से काटकर हत्या के मामले को कोर्ट ने ऑनर किलिंग नहीं माना।यही वजह रही कि सजा फांसी की बजाय आजीवन कारावास की सुनाई गई।इस बारे में शासकीय अधिवक्ता संजीव गुप्ता ने भी दलीलें पेश की लेकिन कोर्ट ने इनको खारिज कर दिया। तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सोमवार को सुना दी गई।

दो जनवरी 2024 में हुई थी वारदात:-बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव परौली में दो जनवरी 2024 को दिल दहला देने वाली घटना हुई थी। सूरजपाल के बेटे जयपाल का गांव के महेश की बेटी से प्रेम प्रसंग था। महेश को जब इसकी भनक लगी तो वह गुस्से से आग बबूला हो गया था। दो जनवरी को उसने अपने पिता रामौतार व पत्नी भागवती के साथ मिलकर अपनी बेटी व उसके प्रेमी की फावड़े से काटकर निर्ममता से हत्या कर दी थी। 

तीन लोगों के खिलाफ मामला कोर्ट में चला:-शासकीय अधिवक्ता संजीव गुप्ता ने फांसी की सजा के लिए तमाम दलीलें व अन्य न्यायालयों के उदाहरण पेश किए लेकिन न्यायालय ने मामले को ऑनर किलिंग नहीं माना। यही वजह रही कि फांसी की सजा न सुनाकर दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

रिपोर्ट – जयकिशन सैनी (समर इंडिया)

Aman Kumar Siddhu

He has 19 years of experience in journalism. Currently he is the Editor in Chief of Samar India Media Group. He lives in Amroha, Uttar Pradesh. For contact samarindia22@gmail.com

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