(भ्रष्टाचार में पकड़े गए दरोगा कमलेश सिंह का असली कारनामा)
बेड वर्क होने से पूर्व दरोगा ने 12 घंटे पूर्व थाना कोतवाली में पुलिस टीम के साथ (फर्जी) गुड वर्क करने में कराया था अपना नाम दर्ज
दरोगा कमलेश सिंह को फर्जी गुड वर्क करने में महारत थी हासिल
दरोगा कमलेश सिंह का हल्का चार में दबदबा था कायम, दलाल प्रवृत्ति के लोगो में राजा बाबू के नाम से था चर्चित
सहसवान (बदायूं) सोमवार को तैनात कोतवाली में न्याय की कुर्सी पर बैठकर फरियादियों की फरियाद सुन रहे दरोगा कमलेश सिंह को एंटी करप्शन टीम ने खुलेआम कैमरे के सामने पीड़ित वादी से धारा हटाने की धमकी देकर मांगे गए )बीस हजार रुपए) सौदा तय होने के बाद बारह हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया तथा भ्रष्टाचार एंटी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र सिंह द्धारा थाना कोतवाली उझानी में दरोगा कमलेश सिंह के विरुद्ध अपराध संख्या 5001 भारतीय भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 7 के अंतर्गत मामला दर्ज कर दिया थाना कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किए गए दरोगा को माननीय न्यायालय में पेश किया जहां न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दरोगा को जिला जेल भेज दिया।

यहां भी टीम कमांडर कमलेश सिंह ने आरोपी जबर सिंह से कुछ मिठाई पानी की व्यवस्था करने को कहा था परंतु उसने अपनी दर्द भरी दास्तां सुना दी कि वह खुद ईंट भट्ठे पर परिवार सहित रहकर मजदूरी करता है उसके पास कुछ भी नहीं है जिससे कमांडर कमलेश सिंह आग बबूला हो गए और उन्होंने पीड़ित जबर सिंह को किसी गंभीर मामले में जेल भेजने की धमकी दे डाली।तो जबर सिंह बेरहम टीम कमांडर कमलेश सिंह के सामने काफी गिड़गिड़ाया रोया उसके आंसू देखकर कमांडर का दिल पसीज गया।
आजकल क्षेत्र में इस बात की भी चर्चा है की थाने में जाने के बाद कोई भी व्यक्ति सुरक्षित नहीं आता उसे पर कोई न कोई,,,,,,,,,,शायद इसी मुहावरे को चरितार्थ करते हुए थाना कोतवाली में बैठे पत्नी के पीड़ित आरोपी जबर सिंह को दरोगा कमलेश सिंह ने गुड वर्क करने के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिए जा रहे दिशा निर्देश को ध्यान में रखते हुए जबर सिंह को क्यों ना किसी गुड वर्क में गिरफ्तार कर लिया जाए आई हुई मछली को क्यों गोरा छोड़ जाए यह सोचते हुए फिर क्या था दरोगा कमलेश सिंह ने पुलिस टीम के साथ जिसमें शामिल आरक्षी सुमित जादौन, तनुज प्रधान, अपनी हल्का नंबर चार के लिए अपनी मोटरसाइकिल से थाना रोजनामचा मैं 6 सितंबर को जीडी संख्या 58 समय 18:20 पर शांति सुरक्षा व्यवस्था हेतु अपनी रवानगी दर्शा कर थाने में मौजूद जबर सिंह पुत्र राम चरण निवासी ग्राम भवानीपुर खल्ली को ग्राम भवानीपुर खल्ली से चमारपुरा जाने मार्ग पर इशरत की कोठी के निकट प्लास्टिक की केन में कच्ची शराब बिक्री के लिए ले जाते हुए गिरफ्तार करना दिखाया है।
प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार घर से उठाकर ले जाए गए बेगुनाह जबर सिंह के विरुद्ध दरोगा कमलेश सिंह ने पुलिस टीम के साथ अपराध संख्या 374 धारा 60(1) एक के अंतर्गत कच्ची शराब बेचने का अपराध पंजीकृत कर जनपद में अपराधियों के विरुद्ध वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं निर्देश पर चलाए जा रहे गुड वर्क अभियान में अपना एवं टीम का नाम दर्ज करा दिया।दरोगा कमलेश सिंह ने यह कारनामा फर्जी गुडवर्क स्वयं कमलेश सिंह द्वारा बेड वर्क में गिरफ्तार किए गए 13 घंटे पूर्व अपनी टीम के नाम दर्ज कराया था परंतु शायद दरोगा कमलेश सिंह को यह पता नहीं था की कोई और भी उनके कारनामों की सजा दिलाने के लिए भ्रष्टाचार करने में महारत हासिल वाले दरोगा के विरुद्ध भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज हो चुकी है।सिर्फ उनकी गिरफ्तारी बाकी है और हुआ भी यही थाना कोतवाली सहसवान में न्याय की कुर्सी पर थाने में आए फरियादियों की फरियाद सुनने के लिए अधीनस्थों का दरबार लगा कर बैंठे दरोगा कमलेश सिंह का एंटी करप्शन टीम गिरफ्तार करने के लिए थाना कोतवाली के इर्द गिर्द टीम लगी हुई है और हुआ भी वही 1:15 पर थाना कोतवाली में समझौते में तय हुई रकम लेकर पहुंचे पीड़ित दिनेश मिश्रा ने घटना की विवेचक को बताया कि वह आपकी तय की हुई धनराशि लेकर आया है।
दरोगा जी ने पलक झपकते ही नोटों से भरा लिफाफा तत्काल लपक लिया और बिना गिनती के ही उन्हें अपनी जेब में रख लिया यह सब कार्य प्रणाली थाना कोतवाली सहसवान के सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई है ऐसा सूत्रों का कहना है इतने में ही पीड़ित दिनेश मिश्रा द्वारा टीम प्रभारी द्वारा बताए गए कोड का एंटी करप्शन टीम को इशारा करके बताया गया की कार्य हो गया टीम ने तत्काल पहुंचकर न्याय की कुर्सी पर बैठे हुए दरोगा कमलेश सिंह को भ्रष्टाचार के रूप में₹12000 की ली गई रिश्वत दरोगा कमलेश सिंह की जेब से बरामद कर ली एंटी करप्शन टीम द्धारा जैसे ही दरोगा को पकड़कर ले जाने लगी की पल भर में ही अधीनस्थ और पुलिसकर्मी टीम के पास पहुंचकर रौब दिखाने लगें तो एंटी करप्शन टीम ने उन्हें बताया कि वह एंटी करप्शन टीम के सदस्य है यह सुनते ही थाना कोतवाली में हड़कंप मच गया और लोग इधर-उधर भागने लगे इसके बाद टीम दरोगा को आनन फानन में गाड़ी में डालकर रवाना हो गई।
टीम ने बीच रास्ते में ही अपनी सभी औपचारिकताएं पूर्ण की और उसके बाद टीम आरोपी दरोगा को लेकर थाना कोतवाली जहां उसका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उझानी में चिकित्सीय परीक्षण कराया गया चिकित्सीय परीक्षण के उपरांत टीम प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र सिंह ने थाना कोतवाली में अपराध संख्या 5001 भ्रष्टाचार में लिप्त दरोगा कमलेश सिंह पुत्र सियाराम निवासी ग्राम ध्यानपुर एलारु जनपद मैनपुरी उत्तर प्रदेश के विरुद्ध भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 7 के अंतर्गत मामला दर्ज कर दिया! दरोगा के पास से जामा तलाशी के दौरान भ्रष्टाचार की रकम 12000 के अतिरिक्त 13970 की नकदी दो एटीएम कार्ड दो पैन कार्ड₹1 की विदेशी मुद्रा यू एस ए डालर एक मोबाइल, गाड़ी बुलेट की चाबी एक पैन कार्ड बरामद कर मौके पर ही सील कर दिया टीम ने दरोगा कमलेश सिंह से रिश्वत के रुपये के अतिरिक्त जब से बरामद 13970 के मांगे गए जवाब में चुप्पी साध ली टीम ने दरोगा कमलेश सिंह से बरामद नकदी एवं अन्य सामान को भी सील कर दिया।पुलिस ने भ्रष्टाचार में गिरफ्तार किए गए दरोगा कमलेश सिंह को बदायूं माननीय न्यायालय में पेश किया जहां दरोगा को न्यायिक मजिस्ट्रेट ने जिला जेल भेज दिया।
किसी ने ठीक ही कहा है विनाश काले विपरीत बुद्धि जिसका विनाशकाल शुरू होता है उसकी बुद्धि को भगवान पहले ही हर लेता है शायद ऐसा ही दरोगा कमलेश सिंह के साथ हुआ उन्होंने एक दिए बेगूंनहा निर्दोष जबर सिंह को कच्ची शराब बेचने वाला तस्कर बना कर झूठा अपराध पंजीकृत कर आला अफसर से गुड वर्क दिखाकर वाही वाही तो लूट ली परंतु उस गरीब मजदूर बेगुनहा जबर सिंह ने दरोगा को जो दिल से बद्दुआ दी शायद उसकी बद्दुआ भगवान ने सुन ली और उसकी बद्दुआ दुआ में तब्दील हो गई जिसकी क्षेत्र में दिनभर चर्चा होती रहे किसी ने ठीक ही कहा है ? हमें अपनो ने ही लूटा गैरों में कहां दम था, मेरी कश्ती वहां डूबी जहां पानी कम था।….रिपोर्ट – एस.पी सैनी (समर इंडिया)

