सहसवान कोतवाली में दलालों का एक छत्रराज, दलालों की हो रही है बल्ले बल्ले
फरियादियों का जमकर हो रहा शोषण, सुनने वाला कोई नहीं
दरोगा कमलेश सिंह का एंटी करप्शन टीम द्धारा गिरफ्तार करना मात्र एक वानिकी
सहसवान (बदायूँ) न्याय की आस लेकर थाने का चक्कर लगाने वाले फरियादियों को इन दिनों सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।सहसवान कोतवाली में दलालों का बोलबाला इस कदर हावी है।कि बिना पैसे खर्च किए कोई भी काम होना मुश्किल हो गया है।दलाल थाने में खुलेआम सक्रिय हैं।और गरीब व पीड़ित लोगों से मोटी रकम वसूल कर ही उनकी शिकायतें आगे बढ़ाते हैं।स्थानीय लोगों का कहना है।कि जब कोई फरियादी थाने में शिकायत दर्ज कराने जाता है।तो उसकी सीधी मुलाकात पुलिस से कराने के बजाय दलाल बीच में आ जाते हैं।ये दलाल पहले तो फरियादी से मामले की जानकारी लेते हैं, फिर कहते हैं।कि बिना खर्चा किए रिपोर्ट दर्ज होना या जांच आगे बढ़ना नामुमकिन है।जो लोग पैसे नहीं दे पाते, उनकी शिकायतें या तो दबा दी जाती हैं या फिर लंबी खींच दी जाती हैं।

क्षेत्रवासियों का आरोप है।कि दलालों का नेटवर्क इतना मजबूत है कि वह पुलिस और फरियादी के बीच बिचौलिये की भूमिका निभाता है।कई बार शिकायतकर्ता सीधे पुलिस अधिकारी से मिलना भी चाहें तो दलाल उन्हें मिलने नहीं देते और तरह-तरह के बहाने बनाते हैं।लोगों का कहना है कि पुलिस प्रशासन सब कुछ जानते हुए भी अनदेखी कर रहा है।अगर समय रहते इन दलालों पर नकेल नहीं कसी गई तो आम जनता का थाने और पुलिस से विश्वास पूरी तरह उठ जाएगा।
बताया जाता है।थाना कोतवाली में आगुंतक रजिस्टर में किसी की भी एंट्री नहीं की जाती है।जिसके कारण दलाल प्रवृत्ति के लोग दिनभर थाना कोतवाली में अंदर बाहर अंदर बाहर पुलिस अधिकारी कर्मचारियों के कमरों के अंदर बाहर निसंकोच होकर भ्रमण करते रहते है चर्चा है की जनपद के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी थाना कोतवाली के आगंतुक रजिस्टर को भी देखना कभी उचित नहीं समझा उपरोक्त रजिस्टर उस दिन तो सक्रिय रूप से भरा जाता है जिस दिन किसी भी पुलिस अधिकारी द्धारा (ओआर) किया जाता है इसके बाद तो आगुतक रजिस्टर माल खाने में सुरक्षित रख दिया जाता है।
थाना कोतवाली सहसवान के स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने पुलिस अधीक्षक बदायूँ से मांग की है कि सहसवान कोतवाली में सक्रिय दलालों की जांच कर उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए,ताकि थाने में न्याय मांगने आने वाले फरियादियों को शोषण का शिकार न होना पड़े।
रिपोर्ट – एस.पी सैनी (समर इंडिया)

