एंटी करप्शन टीम ने कुर्सी पर बैंठकर 12000 रूपये की रिश्वत लेते हुए दरोगा को कोतवाली से ही रंगे हाथों किया गिरफ्तार..
सहसवान कोतवाली में मचा हड़कंप अधिकारी कर्मचारी जान-बचाकर इधर-उधर जा छिपे,
पीड़ित से लिखे गए वाद में धारा हटाने के एवज मे मांगी जा रही थी रिश्वत
एंटी करप्शन प्रभारी निरीक्षक ने थाना कोतवाली उझानी में आरोपी दारोगा के विरुद्ध कराया मामला दर्ज
सहसवान(बदायूँ) सोमवार को एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया। सहसवान कोतवाली में तैनात दरोगा कमलेश सिंह को 12 हज़ार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। टीम की इस कार्यवाही से पुलिस विभाग हड़कंप मच गया है।

बताया जाता है कि उपरोक्त मामले में नामजद आरोपी दो अधिवक्ता हैं।तथा एक उत्तराखंड में प्राइवेट नौकरी करता है चर्चा है दरोगा कमलेश कुमार अपराध संख्या 303 की विवेचना कर रहे थे विवेचना के दौरान उन्होंने घटना के बाद ही दिनेश मिश्रा से धारा 109 के स्थान पर धारा 324 करने की धमकी दी थी तथा कहा था कि अगर उसे धारा 109 में चार्जशीट लगवानी है तो उसे 20,000 रूपये रिश्वत देनी होगी पीड़ित दिनेश मिश्रा ने कहा कि उसने दरोगा जी से कहा कि आप चार सीट धारा 109 में लगाइए मैं आपको 12000 रूपये की रिश्वत दे दूंगा मामला तय होने के बाद पीड़ित दिनेश मिश्रा ने दरोगा कमलेश सिंह को एंटी करप्शन टीम से गिरफ्तार कराने के लिए संपर्क किया तथा प्रार्थना पत्र देकर कार्यवाही की मांग की।
जिस पर एंटी करप्शन टीम शनिवार को विकासखंड परिसर के आसपास देखी गई थी टीम सभी प्रकार की लोकेशन और स्थिति का आकलन लेकर वापस चली गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दरोगा कमलेश सिंह के पास जैसे ही घटना का पीड़ित वादी दिनेश कुमार पहले से निर्धारित रकम 12000 रूपये लेकर जैसे ही कोतवाली में पहुंचा और कार्यालय के मुख्यद्धार की कुर्सी पर बैठे वरिष्ठ उप निरीक्षक कमलेश सिंह को जैसे ही दिनेश कुमार ने 12000 रूपये की रिश्वत दी तभी एंटी करप्शन टीम ने मौके पर पहुँचकर उन्हें घेर लिया गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार करने के बाद टीम दरोगा को उझानी कोतवाली ले गई,
जहाँ आगे की पूछताछ की जा रही है।पूछताछ के बाद एंटी करप्शन टीम दरोगा कमलेश सिंह को चिक्तिसीय परीक्षण हेतु उझानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई।जहां चिक्तिसक ने दरोगा का चिक्तिसीय परीक्षण किया।इससे पूर्व एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तारी की सभी औचरिकताएं पूर्ण कर घटना के शिकायतकर्ता के प्रार्थना पत्र को शामिल करते हुए एंटी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक ने थाना कोतवाली उझानी में दरोगा के विरूद्ध अपराध पंजीकृत कराया।
जानकारी के अनुसार, दरोगा कमलेश सिंह सहसवान कोतवाली के चार नंबर हल्का पर तैनात थे और थाने में SSI (सीनियर सब इंस्पेक्टर) के पद पर भी कार्यरत थे।
बताया जा रहा है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय बन गया है कि जब कानून व्यवस्था संभालने वाले ही भ्रष्टाचार में लिप्त हों तो आम जनता को न्याय कैसे मिलेगा। वहीं एंटी करप्शन टीम की सख्त कार्रवाई यह दर्शाती है कि सरकार अब किसी भी स्तर पर रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
गौरतलब है।कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सत्ता में आने के बाद से प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।सरकारी विभागों, तहसीलों से लेकर पुलिस महकमे तक,भ्रष्टाचार के मामलों में लगातार कार्यवाही हो रही है।सहसवान थाना कोतवाली में दरोगा कमलेश सिंह की हुई यह गिरफ्तारी उसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।
एंटी करप्शन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आरोपी दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी।वहीं स्थानीय स्तर पर भी यह संदेश साफ तौर पर गया है।कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।रिपोर्ट – एस.पी सैनी (समर इंडिया)

