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नगर में बेख़ौफ़ बदमाशों ने स्कूल से पढ़कर घर जा रहे दो नोंनिहाल बच्चों को टॉफी का लालच देकर बच्चों के अपहरण का किया प्रयास

On: July 22, 2025 8:02 PM
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नगर में बेख़ौफ़ बदमाशों ने स्कूल से पढ़कर घर जा रहे दो नोंनिहाल बच्चों को टॉफी का लालच देकर बच्चों के अपहरण का किया प्रयास

घटना के बाद से परिजनों में मचा हड़कंप बच्चे बदहास स्थिति में,बच्चे भयभीत उनका रोते-रोते बुरा हाल,

परिजनों को उनके भविष्य की सता रहीं हैं चिंता,

मोहल्ले में अफरा-तफरी,पुलिस भी मौके पर पहुंची मामले को बताया षड्यंत्र,

सहसवान (बदायूं) नगर के मोहल्ला सफुल्लागंज घनी बस्ती के बीच आदर्श जूनियर हाई स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने के बाद हुई छुट्टी पर अपने घर लौट रहे मोहल्ले के ही दो मासूम बालिकाओं को बाइक पर पहुंचे दो बदमाशों ने उन्हें ट्रॉफी का लालच देकर बाइक पर बैठने का प्रयास किया तो बच्चों ने शोर मचा दिया कॉलेज की छुट्टी से घर लौट रहे और बच्चे भी जोर-जोर से शोर मचाने लगे जिसे देखकर मोहल्लेवासी भी मौके पर पहुंच गए तथा उन्हें देखकर बदमाश बच्चों को मारपीट करके वहीं छोड़कर भाग गए।घटना से भयभीत बालिकाओं का रोते-रोते बुरा हाल है वह दहशत की वजह से घर से भी बाहर नहीं आ रही तथा अपने परिजनों से लिपट लिपटकर सिसकियां भर रही है।

मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची चीता मोबाइल पिकेट भी मामला फर्जी एवं झूठा बताकर वापस चली गई परंतु पुलिस तो मामले को झूठा षड्यंत्र साजिश बताकर घटना से पल्लू तो झाड़ कर चली गई परंतु रोते बिलखते सिसकियां भरते, दहशत से भयभीत मासूम बच्चों जो घर से बाहर निकलने में भयभीत हो रहे हैं क्या उसे बच्चों का षड्यंत्र कहा जाएगा यह सवाल मोहल्ले की गलियों में प्रत्येक व्यक्ति के जुबान पर है क्या बच्चे बदहास स्थिति में नहीं हैं।

आखिर उनके रोने की वजह क्या है उनकी आंखों से आंसुओं की धार क्यों नहीं रुकने का नाम ले रही, माता-पिता परिजनों से चिपक चिपक कर क्यों रो रहे है, माता-पिता के अलग होते ही उनकी सिसकियां क्यों बढ़ जाती हैं ऐसे अनेक प्रश्न है जिनका उत्तर खोज पाना फिलहाल मुश्किल है।पुलिस ने तो एक प्रश्न में सारे उत्तर खोज लिए कि मामला झूठा है जो परिजनो दहशत के साए में सांस ले रहे बच्चे भी क्या झूठे हैं बरहाल परिजनों एवं हादसे का शिकार हुए बच्चों के द्वारा सुनाई गई अपबीती कभी झूठी नहीं हो सकती अपवाद नहीं हो सकती,बरहाल यह जांच का विषय है की घटना क्या हुई थी या बच्चों को किसी ने धमकाया था या कुछ ओर,,,,,,,,,,,,,,,,

नगर के अतिव्यस्त मोहल्ला सैफुल्लागंज घनी आबादी के बीच आदर्श जूनियर हाई स्कूल विद्यालय मुख्य मार्ग पर स्थित है।जहां प्रतिदिन की तरह मोहल्ला सैफुल्लागंज निवासी अनीश, छोटे, के मासूम बच्चे उपरोक्त विद्यालय में पढ़ने गए थे जहां से वह 12:15 बजे लगभग स्कूल की छुट्टी होने पर एकत्रित होकर घर को वापस लौट रहे थे इसी बीच एक बाइक आकर रुकी जिस पर दो लोग सबार थे बच्चों के पास आकर रुके उन्होंने एक मासूम बालिका से अपना रिश्ता बताया उससे बोल कि मैं तुम्हारा मामा लगता हूं मासूम बालिका ने उपरोक्त को पहचानने से इंकार कर दिया तो उसने उसे टॉफी का लालच दिया।

बालिका ने उसको भी इंकार कर दिया जिस पर उसने बालिका को जब बाइक पर बैंठा लिया तो बालिका बाइक से कूद गई तो उपरोक्त बाइक सवाब बदमाशों ने उसके मुंह पर थप्पड़ मारे जिससे वह रोने लगी तो साथ में चल रही और बच्चियों दहशत का गई दूसरी बालिका को भी बदमाशों ने पकड़ने का प्रयास किया सभी बच्चे एक साथ शोर मचाने लगे तो उपरोक्त बदमाश बच्चों को मारपीट कर बाइक को भगा ले गए दहशत के साए के बच्चे यह भी नहीं देख पाए कि आखिर बाइक किधर गई बच्चों को रोता देखकर स्कूल की एक महिला शिक्षक भी बाहर आई तो उसने भी चर्चा है बाइक सवार लोगों को डॉट भी लगाई तब तक उपरोक्त बदमाश बाइक पर बैंठकर भाग चुके थे बच्चों का रोना देखकर मोहल्लेवासी और पीछे से आ रहे बच्चे भी दहशत खा गए।
मामले की जानकारी जैसे ही परिजनों को मिली वह रो बिलखते हुए बच्चों के पास पहुंचे तो बच्चे उनसे लिपटकर रोने लगे परिजन बच्चों को लेकर घर पहुंचे तब तक काफी तादाद में मोहल्लेवासी पहुंच चुके थे।दहाड़े मारकर रो रहीं बच्चियों से जब पत्रकारों ने घटना के बारे में जानकारी ली तब बच्चों की जुबानी उनके ऊपर बीती हुई कहानी उन्होंने रोते हुए बताई मासूम बच्चों के मुंह से निकला हुआ एक-एक शब्द इस बात की गवाही देता है की बच्चों के साथ अज्ञात रूप में पहुंचे बाइक सवार लोगों ने बच्चों को बाइक पर जबरन बिठाने का प्रयास किया न बैंठने पर बच्चों को पीटा जिससे बच्चे घबरा गए,

परंतु बारी वा पुलिस तुम्हारे जांच करने का दायरा ही निराला है।अगर मौके पर पहुंची थाना कोतवाली पुलिस ने बच्चों से उनका दर्द भी पूछा होता उनसे घटना के बारे में पूछा होता तो शायद परिजनों को एवं बच्चों को भी राहत मिल जाती जो दहशत के साए में रो रहे है।ऐसा कोतवाली पुलिस नहीं किया बल्कि यह कहकर अपना पल्लू झाड़ लिया कि मामला षड्यंत्र का एवं झूठा है।
ऐसा भी नहीं कि उपरोक्त पीड़ित परिजनों का परिवार धनाढ्य हो या उनकी किसी से रंजिश चल रही हो परिजनों ने भी किसी से अपनी रंजिश का इनकार किया उसके बावजूद भी पुलिस यह मानने के लिए तैयार नहीं है की बाइक से पहुंचे बदमाशों ने स्कूल जा रहे मासूमों का अपहरण करने का प्रयास किया बरहाल पुलिस मामले की तह तक जाती तो शायद घटना का सही तरीके से राज फांस हो जाता।
इस बाबत प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र बहादुर सिंह से उनका पक्ष जानने के लिए मोबाइल से संपर्क किया संपर्क नहीं हो सका।

रिपोर्ट – एस.पी सैनी (समर इंडिया)

Aman Kumar Siddhu

He has 19 years of experience in journalism. Currently he is the Editor in Chief of Samar India Media Group. He lives in Amroha, Uttar Pradesh. For contact samarindia22@gmail.com

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