नई दिल्ली, । भारतीय सेना ने श्री Amarnath Yatra को सुरक्षित बनाने और यात्रा की निर्बाध सम्पन्नता सुनिश्चित करने के लिए ‘ऑपरेशन शिवा 2025’ शुरू किया है। यह उच्च तीव्रता वाला ‘ऑपरेशन शिवा’ नागरिक प्रशासन और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के साथ समन्वय में संचालित किया जा रहा है।
Amarnath Yatra से पहले समग्र सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा से पहले समग्र सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा
इस बार Amarnath Yatra सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया गया है, विशेषकर ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान समर्थित आतंकियों से उत्पन्न खतरे के मद्देनजर कड़ी चौकसी बरती जा रही है। सेना के मुताबिक इस वर्ष की यात्रा के लिए 8,500 से अधिक सैनिकों की तैनाती की गई है।
इन सैन्य कर्मियों को विभिन्न प्रकार की तकनीकी और परिचालन क्षमताओं से सुसज्जित किया गया है। सुरक्षा के तहत एक गतिशील आतंकवाद विरोधी ग्रिड, रोकथाम आधारित सुरक्षा तैनाती और कॉरिडोर सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। इसके अलावा, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया में नागरिक प्रशासन को हरसंभव सहायता दी जा रही है।
सेना का कहना है कि प्रमुख तैनातियों और जिम्मेदारियों के अंतर्गत 50 से अधिक काउंटर-यूएएस और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम्स के साथ एक मजबूत ड्रोन रोधी ग्रिड तैनात किया गया है। नियमित यूएवी मिशन और यात्रा मार्गों एवं पवित्र गुफा की लाइव निगरानी की जा रही है।
पुल निर्माण, ट्रैक चौड़ीकरण और आपदा न्यूनीकरण का कार्य संभालने के लिए इंजीनियर टास्क फोर्स को तैनात किया गया है। 150 से अधिक डॉक्टर और चिकित्सा कर्मी, 2 एडवांस ड्रेसिंग स्टेशन, 9 मेडिकल एड पोस्ट, एक 100-बेड का अस्पताल और 26 ऑक्सीजन बूथ उपलब्ध कराए गए हैं। ऑक्सीजन बूथ में 2,00,000 लीटर ऑक्सीजन का भंडार है।
सेना की सिग्नल कंपनियां निर्बाध संचार सुनिश्चित कर रही हैं, जबकि ईएमई टीमें तकनीकी सहायता प्रदान कर रही हैं और बम निष्क्रियता एवं निपटान दस्ते भी सक्रिय हैं। यहां 25,000 लोगों के लिए आपातकालीन राशन, क्विक रिएक्शन टीमें, टेंट सिटी, जल बिंदु और बुलडोज़र, खुदाई मशीनों सहित भारी उपकरणों की व्यवस्था की गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए भारतीय सेना के हेलीकॉप्टर तैयार स्थिति में हैं।
भारतीय सेना अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रही है ताकि Amarnath Yatra मार्गों पर मजबूत निगरानी बनी रहे
भारतीय सेना अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रही है ताकि Amarnath Yatra मार्गों पर मजबूत निगरानी बनी रहे। जम्मू से पवित्र गुफा तक की यात्रा की लाइव ट्रैकिंग की जा रही है, जिसमें उच्च-रिज़ॉल्यूशन पीटीजेड कैमरे और ड्रोन फीड्स की सहायता ली जा रही है। काफिलों की रियल टाइम निगरानी से किसी भी खतरे की पहले से पहचान की जा रही है और मल्टी-एजेंसी समन्वय के जरिए तीव्र प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा रही है।
ऑपरेशन शिवा 2025 भारतीय सेना की इस अटल प्रतिबद्धता का प्रतीक है कि हर श्रद्धालु की अमरनाथ यात्रा सुरक्षित, सुगम और आध्यात्मिक रूप से संतोषजनक हो

