अंतरराष्ट्रीयराष्ट्रीयउत्तर प्रदेशउत्तराखंडपंजाबहरियाणाझारखण्डऑटोमोबाइलगैजेट्सखेलनौकरी और करियरमनोरंजनराशिफलव्यवसायअपराध

---Advertisement---

लू से बचाव के करायें पुख्ता इंतजाम, जागरूकता भी बढ़ाएं: Yogi Adityanath

On: March 20, 2025 4:23 PM
Follow Us:
Yogi Adityanath
---Advertisement---

लखनऊ: Yogi Adityanath ने बुधवार को हीटवेव प्रबंधन पर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

महाकुम्भ ने दुनिया को ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का संदेश दिया: Yogi Adityanath

उन्होंने हीटवेव को लेकर विशेषतौर पर सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। Yogi Adityanath ने कहा कि हीटवेव के कारण होने वाली जनहानि हम स्वीकार नहीं कर सकते। इस तरह की जनहानि को कंपनसेशन देकर भरपाई नहीं की जा सकती। हमारे लिए एक-एक जनहानि हमारा व्यक्तिगत नुकसान है। इन घटनाओं में पूरा परिवार तबाह हो जाता है।

Yogi Adityanathने कहा कि प्रदेश के कुछ जिलों में अभी से हीटवेव जैसी स्थिति उत्पन्न होने लगी है, ऐसे में सभी विभागों को सतर्कता के साथ कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों व तहसील स्तर पर लोगों हीटवेव के कारण, बचाव व तैयारी से संबंधित तथ्यों को व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से अवगत कराने के साथ ही प्रदेश के जंगलों को अग्निकांड से बचाने को महत्वपूर्ण बताया।

Yogi Adityanath  हीटवेव के कारण होने वाली जनहानि हम स्वीकार नहीं कर सकते

योगी ने कहा कि यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी प्रकार के शरारती तत्व जंगलों में आगजनी की घटनाओं को अंजाम न दे सकें। इसके लिए पेट्रोलिंग और तेज की जाए। उन्होंने वन विभाग और अग्निशमन विभाग को चिंगारी से लगने वाली आग से बचाव को लेकर सतर्कता बढ़ाने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि अग्निशमन विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। वहीं, वन विभाग को पंछियों, जंगली जीव-जंतुओं को पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि वन विभाग के वन रक्षक व वन कर्मियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रदेश के हर जिले में अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाने होंगे, इसमें होने वाले व्यय की चिंता न करें। संवेदनशील क्षेत्रों में भी अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाए जाएं, ताकि समय से लोगों को आने वाली आपदा से सूचित किया जा सके। प्रधान, ग्राम सेवक को जवाबदेह बनाया जाए तथा समय-समय पर जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होने बैठक में हीटवेव से जुड़े हाई रिस्क वाले जिलों में वज्रपात की भी समस्या अधिक होने के तथ्य का उल्लेख करते हुए कहा कि तीन घंटे पहले अलर्ट आ जाए तो संवेदनशील इलाकों में लोगों के आवागमन को प्रतिबंधित किया जा सकेगा। इन इक्विप्मेंट्स व वार्निंग सिस्टम की स्थापना, संचालन व कवरेज से जुड़े पहलुओं की रेगुलर मॉनिटरिंग भी की जाए।

Yogi Adityanath ने कहा कि मीरजापुर, सोनभद्र तथा गाजीपुर जैसे इलाकों में आकाशीय बिजली की घटनाएं सर्वाधिक होती हैं, ऐसे में सभी रिस्क वाले जिलों में किसानों को वज्रपात से अलर्ट करना होगा जिससे जनहानि को रोका जा सके। मोबाइल पर एसएमएस तथा पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए लोगों को घटना से पहले अवगत कराया जाए।

सूचना विभाग के साथ समन्वय करते हुए प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों, तहसील मुख्यालयों, ब्लॉक मुख्यालयों में हीटवेव को लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार होना चाहिए। इसके लिए डिजिटल डिस्प्ले, होर्डिंग, बिलबोर्ड समेत विभिन्न माध्यमों का सहारा लिया जाए। विभिन्न विज्ञापनों में भी बचाव और तैयारियों के विषय में जागरूक किया जाना चाहिए। जनधन की हानि को रोकने के लिए यह आवश्यक है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply

error: Content is protected !!