“आखिर जिम्मेदार कौन” छुट्टी होने के बावजूद भी कैसे खुला विधालय,
लापरवाही में दो बहन भाई की जान गई,एक चचेरी बहन घायल,
साइकिल में टक्कर मारकर अज्ञात वाहन चालक हुआ फरार,
पुलिस ने मृतक दोनों बच्चों के शव को सीलकर पीएम हेतु भेजा जिला मुख्यालय,
घटना से परिवार में मचा कोहराम,
घटना के बाद विद्यालय प्रधानाचार्य विधालय बंद करके भागा,
विधालय बंद होने के अधिकारियों द्धारा किए गए आदेशों की पोल खुली,
सहसवान।शिक्षा विभाग के अधिकारियों के आदेशों की कैसे धज्जियां उड़ाई जा रही है इसका नमूना दो मासूम सगे भाई बहनों की दर्दनाक हुई मौत एवं गंभीर रूप से घायल एक चचेरी बहन के रूप में देखने को मिली काश अधिकारियों ने शासनादेशों की धज्जियां उड़ाने वाले विधालय औचक निरीक्षण किया होता तो शायद मासूम भाई-बहन की जान जान से बच जाती इस घटना के लिए अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते, उनके जवाब देही तय है।

गौरतलब है विकासखंड सहसवान सहसवान क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम नगला चोई पुलिया के पास अभिषेक मेमोरियल विद्या मंदिर विद्यालय खुला हुआ था जहां विद्यालय प्रधानाचार्य ने मुख्य मार्ग बदायूं मेरठ राजमार्ग पर विद्यालय खोलकर 7:30 बजे से शिक्षण कार्य प्रारंभ कर दिया वही विकासखंड क्षेत्र के ग्राम सिलहरी के मजरा सिंघोला निवासी प्रेमपाल यादव के पुत्र अंकित 10 वर्ष उसकी पुत्री अंशु 13 वर्ष तथा प्रेमपाल की भतीजी खुशबू एक साइकिल पर सवार होकर 7:30 बजे के लगभग घर से निकले थे।जहां बदायूं मेरठ राज्य मार्ग से ग्राम चंदनपुर जाने वाले मार्ग के सामने हाईवे कट पर सहसवान की ओर से आ रहे एक चार पहिया वाहन ने साइकिल में जबरदस्त टक्कर मार दी जिसमें भाई अंकित बहन आशु गंभीर रूप से घायल होकर घटनास्थल पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया जबकि साइकिल पर सवार चचेरी बहन खुशबू 8 वर्ष गंभीर रूप से घायल हो गई।
हादसे की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने थाना कोतवाली पुलिस को मामले की जानकारी दी पुलिस भी तत्काल मौके पर पहुंच गई और गंभीर रूप से घायल हुए और उनके तीनों बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे जहां चिकित्सक ने दो सगे बहन भाइयों को मृतक घोषित कर दिया जबकि गंभीर रूप से घायल खुशबू को चिकित्सीय परीक्षण हेतु जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया।
जानकारी के मुताबिक ग्राम सिंगोला निवासी प्रेमपाल का पुत्र अंकित 10 वर्ष अपनी साइकिल पर बहन अंशु 13 वर्ष तथा चचेरी बहन खुशबू को बैठाकर अभिषेक मेमोरियल विद्या मंदिर जा रहा था जैसे ही वह अपने गांव को जाने वाले कट मार्ग से दूसरे मार्ग पर आया कि सामने से आ रही चार पहिया वाहन ने जबरदस्त टक्कर मार दी जिससे अंकित उसकी बहन अंशु काफी दूर जाकर बड़ी-बड़ी घास में जा कर गिरे गंभीर रूप से घायल होने पर दोनों बच्चों ने दम तोड़ दिया।
जबकि उसकी चचेरी बहन खुशबू गंभीर रूप से घायल हो गई मौके पर पहुंची पुलिस सबसे पहले अंकित के शब को तथा गंभीर रूप से घायल खुशबू को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची जहां खुशबू से पूछताछ करने पर खुशबू ने साइकिल पर सवार तीनों बहन भाइयों के बारे में जानकारी दी तो पुलिस मौके पर दोबारा पहुंची और घास में पड़ी हुई अंशु की लाश को उठाकर पुलिस लगभग 1 घंटे बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची चिकित्सक ने अंकित और अंशु बहन भाइयों को मृतक घोषित कर दिया जबकि गंभीर रूप से घायल खुशबू को उपचार हेतु जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया।घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है मृतक बच्चों के परिजनों ने बताया की सुबह 7:30 बजे के लगभग विद्यालय प्रधानाचार्य ने उन्हें फोन किया था की बच्चों को स्कूल भेजो छुट्टी नहीं है जिस पर उन्होंने अपने बच्चों को स्कूल भेज दिया और हादसा हो गया।
लोगों में चर्चा है कि अगर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मुख्य हाइवे मार्ग पर शासनदेशों की धज्जियां उड़ाते खोले जा रहे विद्यालय प्रबंधकों के विरुद्ध अगर छापामारी अभियान चलाया होता तो शायद मासूम दोनों बहन भाई की जान नहीं जाती इसके लिए अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते अधिकारियों की जवाब देही तो बनती है परंतु उनके जवाब देही क्या होगी यह वही बता सकते हैं।वरहाल अधिकारियों की लापरवाही से दो मासूम की जान चली गई काश: विद्यालय न खुलता तो बच्चों के साथ हादसा भी न होता इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलेगी या ना मिलेगी यह तो वही जाने परंतु अधिकारियों की लापरवाही ने दो वेकसूर मासूमों की जान चली गई यह चर्चा क्षेत्र में लोगों की जुबान पर हो रही है।
रिपोर्ट – एस.पी सैनी (समर इंडिया)

