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Lawrence Bishnoi की गैंग का असली सरगना: अनमोल बिश्नोई की सच्ची कहानी

On: November 21, 2024 6:53 PM
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Lawrence Bishnoi की गैंग का असली सरगना: अनमोल बिश्नोई की सच्ची कहानी
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Lawrence Bishnoi का भाई अनमोल बिश्नोई, जिसे “छोटे गुरुजी” के नाम से जाना जाता है, अमेरिका में गिरफ्तार कर लिया गया है। अनमोल Lawrence Bishnoi गैंग का असली दिमाग माना जाता है और सिद्धू मूसेवाला और बाबा सिद्दीकी की हत्या में उसका हाथ होने का दावा किया जा रहा है। अनमोल को अब भारत लाने की कोशिशें तेज हो गई हैं।

देश के टॉप गैंगस्टर Lawrence Bishnoi के भाई अनमोल बिश्नोई को नौ साल की बादशाहत के बाद आखिरकार अमेरिका में अरेस्ट कर लिया गया है. अब उसे भारत लाने के लिए तमाम कानूनी औपचारिकताओं का पालन किया जा रहा है.

इस खूंखार बदमाश को लॉरेंस की गैंग में छोटे गुरुजी और छोटे डॉन के रूप में जाना और पहचाना जाता है. कहा जाता है कि यह Lawrence Bishnoi से भी खतरनाक और निर्दयी है. कुछ लोग यहां तक कहते हैं कि अनमोल बिश्नोई की वजह से ही लॉरेंस गैंग देश और दुनिया में इतने बड़े स्तर पर कुख्यात हो पाया है.

चूंकि अनमोल अब गिरफ्तार हो चुका है तो यही सही मौका है कि हम उसके बारे में वह हर बात जान लें, जो आम आदमी के दिमाग में उठ रहे हैं. मुंबई में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद से ही लॉरेंस बिश्नोई और उसके भाई अनमोल बिश्नोई की खूब चर्चा हो रही है.

दावा किया जा रहा है कि लॉरेंस के कहने पर अनमोल बिश्नोई ने ही इस वारदात की साजिश रची और अपने शूटरों को भेजकर इस वारदात को अंजाम दिया.Lawrence Bishnoiके जेल जाने के बाद क्राइम वर्ल्ड में उसका केवल नाम चलता है,

Lawrence Bishnoi नाम से होने वाली सभी वारदातों को उसका छोटा भाई अनमोल बिश्नोई ही अंजाम देता है.

कायदे से Lawrence Bishnoi गैंग की कमान अनमोल के ही हाथ में है, लेकिन उसने हमेशा खुद को नंबर दो पर रखा. इसलिए गैंग में लॉरेंस बिश्नोई को जहां गुरु जी के नाम से संबंधित किया जाता है, वहीं अनमोल को उसके गुर्गे छोटे गुरु जी या छोटा डॉन कहते हैं.

मूल रूप से पंजाब में फाजिल्का के दुतारावाली गांव के रहने वाले लॉरेंस बिश्नोई और अनमोल बिश्नोई साल 2009 तक साथ ही पले बढ़े. चूंकि अनमोल लॉरेंस से छह साल छोटा है. इसलिए जब वह माध्यमिक की पढाई कर रहा था, उसी समय लॉरेंस चंडीगढ़ पढ़ने चला गया और छात्र राजनीति करते हुए अपराध के दलदल में उतर गया.

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साल 2012 में Lawrence Bishnoi पहली बार जेल गया और छूटने के बाद उसने संपत नेहरा, गोल्डी बरार आदि बदमाशों की गैंग बना ली. इसके बाद हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में उसका बड़ा नाम हो गया.

इस दौरान राजस्थान के माउंट आबू में पढ़ाई कर रहे अनमोल ने भी स्कूल छोड़ दिया. उस समय वह अपनी उम्र के बच्चों में बॉक्सिंग चैंपियन था. पहले सिद्धू मूसेवाला और अब बाबा सिद्दीकी की हत्या से चर्चा में आए इस बदमाश ने ही सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग कराई थी.

कहा जाता है कि उम्र में भले ही लॉरेंस बड़ा है, लेकिन आपराधिक कद अनमोल का बड़ा है. महज 25 साल के इस बदमाश के औरे का अंदाजा इतने से ही लगाया जा सकता है कि यह साल 2015 से गैंग की कमान संभाल रहा है और कनाडा में बैठकर यह भारत ही नहीं,

अमेरिका, अजरबैजान, यूएई, पुर्तगाल, केन्या और मेक्सिको आदि देशों में 700 से अधिक शॉर्प शूटरर्स को डील कर रहा है. यह 700 शूटर्स तो वह हैं जिनका बड़ा नाम है. इनके अलावा छोटे मोटे शूटर्स की संख्या तो हजारों में है.

अनमोल बिश्नोई अपनी टीम में खूब बहस करता है, लेकिन जैसे ही Lawrence Bishnoi की बात आती है,

वह चुप हो जाता है. अनमोल कहता है कि गुरूजी ने जो कहा, वही सही. इसी तर्ज पर अनमोल लॉरेंस बिश्नोई के इशारे पर वारदातों को अंजाम देता है.

सूत्रों के मुताबिक गैंग में सभी फैसले खुद अनमोल ही लेता है, लेकिन किसी भी बड़े अपराध को अंजाम देने के लिए लॉरेंस की अनुमति लेना नहीं भूलता. इनके बीच एकतरफा संवाद होता है.

उदाहरण के तौर पर सिद्धू मूसेवाला की हत्या के लिए लॉरेंस बिश्नोई ने बस ये कहा था कि उसे खत्म करो. इसके बाद इस वारदात को कैसे अंजाम देना है, यह सबकुछ अनमोल ने तय किया था.

इस वारदात के कई दिन बाद उसे पता चला कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या विक्की मुद्दूखेड़ा की हत्या के बदले के तौर पर हुई है. यह पहली घटना है, जिसमें अनमोल का नाम किसी बड़े और हाईप्रोफाइल केस में सामने आया था.

इस वारदात के बाद ही अनमोल नेपाल के रास्ते देश से फरार हुआ था. वैसे तो इस बदमाश को पहली बार फाजिल्का पुलिस ने अवैध हथियार के साथ पकड़ा था. उसके बाद यह कुछ दिन राजस्थान की जेल में भी रहा है. सूत्रों के मुताबिक इसके शूटर इसके एक इशारे पर कुछ भी करने को तैयार रहते हैं.

दरअसल कई देशों में बड़े बड़े उद्योगपतियों से रंगदारी वसूलता है और पूरी रकम अपने शूटर्स पर खर्च कर देता है. अनमोल की यह बढ़ती हुई ताकत का ही परिणाम है कि पिछले साल एनआईए ने उसके ऊपर 10 लाख रुपये का ना केवल इनाम घोषित किया,

बल्कि उसकी अरेस्टिंग के लिए रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी कराया था. अब उसी रेड कॉर्नर नोटिस के तहत अनमल को डिटेन किया गया है. उसे अमेरिका से प्रर्त्यपण कर भारत लाने की कोशिशें तेज हो गई है.

Aman Kumar Siddhu

He has 19 years of experience in journalism. Currently he is the Editor in Chief of Samar India Media Group. He lives in Amroha, Uttar Pradesh. For contact samarindia22@gmail.com

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