नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी को Supreme Court से सोमवार को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय को खाली कराए जाने के प्रशासन के आदेश के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है।
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सर्वोच्च अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं बनता है। हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने में समाजवादी पार्टी ने 988 दिन की देरी की है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर उन्हें अपना पक्ष रखना है तो वे हाई कोर्ट जा सकते हैं।
दरअसल, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पीलीभीत में समाजवादी पार्टी ऑफिस को खाली कराने के लिए जारी नोटिस को रद्द करने से इनकार कर दिया था। इस मामले को लेकर इलाके में बीते दिनों हुए प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने पीएसी तैनात कर दी है और ड्रोन से इलाके की निगरानी रखी जा रही है।
बता दें कि पीलीभीत जिला प्रशासन ने 16 जून तक समाजवादी पार्टी के कार्यालय को खाली करने का नोटिस दिया है। प्रशासन का दावा है कि समाजवादी पार्टी का कार्यालय नगर पालिका के अधिकारी के आवास में चल रहा है, जबकि पार्टी का कहना है कि 2005 में नियमों के तहत इसे आवंटित किया गया था, तब से पार्टी इस जगह से काम कर रही है।
Supreme Court अगर उन्हें अपना पक्ष रखना है तो वे हाई कोर्ट जा सकते हैं
10 जून को समाजवादी पार्टी मीडिया सेल के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल से एक वीडियो शेयर किया गया था, जिसमें पुलिस सपा कार्यालय में मौजूद दिख रही है।

