Supreme Court ने विमल नेगी की मौत की जांच कर रहे सीबीआई अधिकारी को फर्जी करार दिया है। अदालत के अनुसार, अधिकारी की नियुक्ति वैध नहीं थी, जिससे जांच प्रभावित हो सकती है। पीड़ित परिवार इस फैसले से चिंतित है, क्योंकि उन्हें न्याय मिलने में देरी होने की आशंका है। सीबीआई को अब नए सिरे से जांच करनी पड़ सकती है।
Supreme Court का केंद्र से इलेक्ट्रिक वाहन नीति पर पुनर्विचार का आग्रह, मांगी ये जानकारी
सर्वोच्च न्यायालय ने इन्हें ‘पूरी तरह फर्जी अधिकारी करार’ देते हुए कहा कि ऐसे अधिकारी सेवा में रहने लायक नहीं हैं।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्ला और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने देशराज नामक व्यक्ति की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

