अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में Shri Ram Temple के चारों मुख्य द्वारों को देश की महान सनातन परंपरा के चार प्रमुख जगद्गुरुओं के नाम पर समर्पित किया जाएगा। यह नामकरण भारतीय दर्शन, भक्ति और वेदांत परंपरा के प्रतीक इन महापुरुषों की स्मृति को चिरस्थायी बनाएगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शनिवार को हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में चारों द्वारों के नाम तय किए गए।
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मणिरामदास छावनी में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता महंत नृत्यगोपाल दास ने की, जिसमें ट्रस्ट के 15 में से 14 ट्रस्टियों की उपस्थिति रही। बैठक में 11 ट्रस्टी सशरीर उपस्थित हुए, जबकि गृह सचिव संजय प्रसाद, वरिष्ठ अधिवक्ता केशव पाराशरन और अयोध्या राजघराने के राजा विमलेंद्र मोहन ऑनलाइन माध्यम से जुड़े थे। एक पद अभी रिक्त है।
Shri Ram Temple के चार द्वार क्रमशः जगद्गुरु रामानंदाचार्य, जगद्गुरु मध्वाचार्य, जगद्गुरु शंकराचार्य, और जगद्गुरु रामानुजाचार्य के नाम पर होंगे
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चम्पत राय ने बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि Shri Ram Temple के चार द्वार क्रमशः जगद्गुरु रामानंदाचार्य, जगद्गुरु मध्वाचार्य, जगद्गुरु शंकराचार्य, और जगद्गुरु रामानुजाचार्य के नाम पर होंगे। ये नाम भारतीय आध्यात्मिकता के चार स्तंभों के प्रतीक हैं,
जिन्होंने देश के कोने-कोने में वेदांत, भक्ति और ज्ञान का प्रचार किया। मौजूदा समय में इन द्वारों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इनमें बिड़ला धर्मशाला के सामने वाला द्वार, क्षीरेश्वर महादेव मंदिर के सामने और उसके आगे बन रहे द्वार, तथा रामकोट मोहल्ले की ओर स्थित उत्तरी द्वार शामिल हैं।

