*टोटपुर कर्सरी के मजरा सुकर्रा में स्वास्थ्य सेवा के नाम पर बना भवन बना जुआरियो शराबियों का अड्डा*
#बरसों से नहीं हो रहे स्वास्थ्य कर्मचारियों के दर्शन,क्षेत्र की जनता स्वास्थ्य सेवा के लिए खा रही है दर-दर की ठोकर#
“सरकार से मिलने वाली सेवाओं से महरूम हो रही है जनता”
*अधिकारी कर्मचारी घर बैठे कर रहे हैं खानापूर्ति, झूठी सूचनाओं देकर सरकार को कर रहे हैं भ्रमित*



सहसवान (बदायूं) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देहगवा के अंतर्गत ग्राम टोटपुर कर्सरी के मजरा सुकर्रा में स्वास्थ्य सेवा के नाम पर लाखों रुपए की कीमत से स्वास्थ्य केंद्र भवन क्षेत्र के शराबी जुआरी एवं अय्याशी का अड्डा बन गया है। भवन में भारी तादाद में पड़े हुए शराब गिलास के पाउच ताश की पत्तों खाली पड़े नमकीन के पाउच के अलावा कंडोम एवं शक्ति वर्धक दबाओ के खाली पड़े पूछ इस बात की पक्की गवाही दे रहे हैं कि स्वास्थ्य सेवा के नाम पर बना स्वास्थ्य केंद्र अनैतिक कार्यों के लिए सुरक्षित स्थल बन गया है।


ग्राम सुकर्रा में सरकार द्वारा गंगा से प्रभावित तथा पिछड़े क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के उद्देश्य से लाखों रुपए खर्च करके कई वर्ष पूर्व स्वास्थ्य केंद्र बनाम एनम केंद्र का निर्माण कराया गया था भवन में कई कमरे हैं निवास के अलावा पेयजल शौचालय हैंडपंप के अलावा के अलावा सभी व्यवस्थाएं हैं परंतु उपरोक्त सभी व्यवस्थाएं होने के बावजूद भी बकोल ग्रामीणों ने आरोप लगाया की वर्षों से कोई भी स्वास्थ्य कर्मचारी उपरोक्त केंद्र पर नहीं आया सिर्फ क्षेत्र के बाढ़ से प्रभावित होने के समय कुछ स्वास्थ्य कर्मचारी ही दिखाई दिए इसके अलावा आज तक कोई भी स्वास्थ्य कर्मचारी उपरोक्त भवन में नहीं पहुंचा कर्मचारियों के भवन में न पहुंचने के कारण भवन में चारों तरफ मकड़ी मच्छर गंदगी ने अपना कब्जा जमा रखा है वही कर्मचारियों द्वारा भवन का प्रयोग न करने पर उपरोक्त भवन अनैतिक कार्यों के लिए सुरक्षित स्थान बनकर रह गया है। उपरोक्त भवन शाम ढलते ही जुआरियों शराबियों का जमावड़ा लगना प्रारंभ हो जाता है जो देर रात तक चलता रहता है वही उपरोक्त भवन में अय्याशी प्रवृत्ति के लोग भी आते जाते देखे जा सकते हैं। भवन में भारी तादाद में इधर-उधर पड़े हुए शराब नमकीन प्लास्टिक के गिलास के अलावा ताश के पत्ते तथा कई कंडोम जिनका प्रयोग किया गया था पड़े हुए थे साथ ही कई शक्ति वर्धक दबाओ के भी खाली पाउच पड़े हुए देखे गए।
ग्रामीणों ने खुले शब्दों में कहा की क्षेत्र की महिलाओं को कोई भी स्वास्थ्य कर्मचारी टीकाकरण करने नहीं आता है नहीं महिलाओं को किसी भी प्रकार की केंद्र तथा प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं से जागरूक किया जाता है जिससे उन्हें कोई लाभ मिल सके यही नहीं क्षेत्र में कोई भी संक्रामक या बुखार के अलावा अन्य बीमारी भी फैल जाए तो भी कोई स्वास्थ्य कर्मचारी नहीं आता ग्रामीणों को झोलाछापों की शरण में जाने के लिए बाध्य होना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया की क्षेत्र के लोगों को जननी सुरक्षा मातृशक्ति टीकाकरण के अलावा परिवार कल्याण की योजनाओं से भी उन्हें नहीं अवगत कराया जाता जिससे ग्रामीण उपरोक्त योजनाओं का लाभ उठाने के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने उपरोक्त मामले की शिकायत कई बार आला अफसरो से भी की है परंतु किसी भी शिकायत पर कोई अमल नहीं हुआ।
ग्रामीणों का आरोप है की स्वास्थ्य सेवा के नाम पर क्षेत्र की जनता के लिए बना भवन असामाजिक तत्वों के लिए सुरक्षित स्थान बन गया है। इस बाबत चिकित्सा अधीक्षक से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया परंतु संपर्क नहीं हो सका। स्वास्थ्य सेवाओं का क्षेत्र के लोगों को लाभ न मिलने के कारण ग्रामीणों में आक्रोश की भावना पनप रही है कहीं यह भावना सड़कों पर नजर ना आए अगर अधिकारियों ने समय रहते क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं पर संज्ञान नहीं लिया तो ग्रामीणों को सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने से कोई नहीं रोक पाएगा।

