दहेज लोभी पति ने वरिष्ठ अधिवक्ता की पुत्री को अबोध बच्ची सहित मारपीट कर दो दशक बाद घर से निकाला, दो बच्चे छीने,
पीड़िता ने दहेज लोभी पति के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न की धाराओं में कराई रिपोर्ट दर्ज, पुलिस ने पीड़िता का कराया चिकित्सीय परीक्षण,
(सहसवान से समर इंडिया के लिए एसपी सैनी की रिपोर्ट)
सहसवान (बदायूं) नगर के मोहल्ला नयागंज निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता रुकुम सिंह यादव की पुत्री भावना यादव पत्नी मथुरा प्रसाद निवासी ग्राम जहानपुर की मढैया थाना रजपुरा जनपद संभल हाल निवासी न्यू भारद्वाज कॉलोनी अनूपशहर जनपद बुलंदशहर ने थाना कोतवाली पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया उसकी शादी 26 जून वर्ष 2004 को मथुरा प्रसाद पुत्र जानकी प्रसाद के साथ हुई थी जहां उसने चार बच्चों को जन्म दिया (जिसमें तीन बेटा एक बेटी) एक पुत्र की पूर्व में मृत्यु हो गई दो बेटा एक बेटी उसके पास है उसका पति उससे कई वर्षों से अपने पिता की संपत्ति में से एक बटे चार भाग अपने नाम करने के लिए जिद कर रहा था उसने इंकार कर दिया तो उसने मारपीट प्रारंभ कर दी जब भी उसका मन होता वह उसके साथ मारपीट करता रहता था जिससे उसका मानसिक और शारीरिक शोषण बढ़ गया तो मामले की जानकारी उसने अपने पिता को दी पिता ने कई लोगों के साथ मेरी ससुराल लाकर मेरे पति एवं परिजनों को समझाने का प्रयास किया कुछ समय तो उपरोक्त लोग शांत हो जाते थे परंतु मेरे पति का व्यवहार लालची प्रवृत्ति का था उसकी निगाह मेरे पिता की संपत्ति पर है वह किसी भी कीमत पर उसे लेना चाहता है 17 अप्रैल को प्रार्थनी से उपरोक्त दहेज लोभी मथुरा प्रसाद पति ने दोबारा कहा कि उसने अपने पिता की संपत्ति का एक बटे चार भाग उसके नाम नहीं कराया तो वह उसे घर पर नहीं रखेगा मैं इनकार कर दिया तो उपरोक्त ने मेरे साथ जमकर मारपीट की और जबरन मेरी नाबालिक पुत्री को गाड़ी में डालकर यह कहते हुए सहसवान लाया कि तू अपने पिता से एक बटे छे भाग संपत्ति में से मेरा नाम डलवा दे मैंने फिर इनकार कर दिया उसने मुझे टोल नंबर चार पर गाड़ी से मेरी पुत्री सहित उतार दिया और पास से ही एक मोटी लकड़ी उठाकर मुख्य सड़क पर मेरी जमकर पिटाई की जिससे मैं गंभीर रूप से घायल हो गई मैं चीखी चिल्लाई तो काफी लोग राहगीर मौके पर पहुंच गए उन्होंने मेरे पति को जमकर फटकार लगाई तो वह मुझे वहीं छोड़कर गाड़ी लेकर भाग गया मैंने मोबाइल से अपने पिता को जानकारी दी तब वह मौके पर पहुंचे और मुझे गंभीर हालत में देखकर घर पर ले आए।
पीड़िता भावना यादव के प्रार्थना पत्र पर पुलिस ने अपराध संख्या 175 धारा 85, 115/2, 351/3, के अंतर्गत मामला दर्ज कर घायल भावना यादव को चिकित्सीय परीक्षण हेतु महिला आरक्षी के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज कर चिकित्सीय परीक्षण कराया है।
