ऑपरेशन के दौरान हुई प्रसूता की मौत के मामले अस्पताल संचालक समेत छह पर रिपोर्ट
बदायूं।नौशेरा गांव के पास अवैध केपी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान हुई प्रसूता की मौत के मामले में संचालक, उसकी पत्नी समेत छह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। वहीं, शुक्रवार को पुलिस ने प्रसूता के शव का पोस्टमॉर्टम कराया। रिपोर्ट में अधिक रक्तस्राव से प्रसूता की मौत की वजह सामने आई है।
कुंवरगांव थाना क्षेत्र के गांव कसेर पनौटा निवासी हरिसिंह ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि प्रसव पीड़ा होने पर वह पत्नी रामवती को लेकर जिला अस्पताल आया था। यहां से उसकी पत्नी को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था, लेकिन वह पत्नी को बरेली-मथुरा हाईवे पर स्थित केपी अस्पताल ले गया। जहां अस्पताल के संचालक केपी सिंह, साधना सिंह, अर्चना शर्मा, डॉ. हकीम सिंह, डॉ. नरेंद्र सिंह व अर्जुन सिंह ने कहा कि उनके यहां प्रसव की बेहतर सुविधा है।
जब उन्होंने मना किया तो इन लोगों ने पत्नी को विश्वास में लेकर भर्ती कर लिया। अस्पताल के संचालक ने प्रसव के 60 हजार रुपये मांगे थे। उन्होंने 42 हजार रुपये जमा कर दिए थे। शेष रुपये बाद में जमा करने को कहा, लेकिन यह लोग शेष रुपये भी जमा करने पर अड़े थे। इसके बाद पत्नी का जल्दबाजी में ऑपरेशन कर दिया। इससे उसकी पत्नी की हालत बिगड़ गई।
आरोपियों ने दो बजे बताया कि उसकी पत्नी की मौत हो चुकी है। आरोपियों ने पत्नी के शव के साथ उन्हें जबरन अस्पताल से बाहर निकाल दिया। हंगामे पर अधिकारी भी पहुंच गए। अस्पताल का लाइसेंस व कोई कागज न दिखाने पर उसे सील कर दिया गया। पुलिस ने शुक्रवार को प्रसूता के शव का पोस्टमॉर्टम कराया, जिसमें अधिक रक्तस्राव होने से प्रसूता की मौत की पुष्टि हुई है।
बताया जा रहा है कि गलत नस काटने पर अधिक रक्तस्राव हुआ है।इससे प्रसूता की मौत हुई है। वहीं, पुलिस ने तहरीर के आधार पर अवैध अस्पताल के संचालक केपी सिंह, इसकी पत्नी साधना सिंह, स्टॉफ अर्चना शर्मा, डॉ. हाकिम सिंह, डॉ. नरेंद्र सिंह और टेक्नीशियन अर्जुन सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
रिपोर्ट – जयकिशन सैनी (समर इंडिया)

