पटना: बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ बुधवार को राज्यभर में प्रदर्शन हुए। Rahul Gandhi सहित विपक्षी महागठबंधन के शीर्ष नेताओ ने कार्यकर्ताओं के साथ पटना में चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकाला। राहुल के साथ राजद नेता तेजस्वी यादव, भाकपा महासचिव डी राजा, माकपा के महासचिव एमए बेबी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य प्रदर्शन में शामिल हुए।
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इस दौरान, Rahul Gandhi ने कहा, ‘महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में भाजपा और राजग को लाभ पहुंचाने के लिए धांधली की गई थी। वे बिहार में भी इसे दोहराना चाहते हैं, जो हम होने नहीं देंगे।’ उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण, मतदाता सूची में हेराफेरी करने के ‘महाराष्ट्र मॉडल’ का विस्तार है और इससे ‘न केवल लोगों के वोट देने के अधिकार को, बल्कि उनके पूरे भविष्य को हथिया लिया जाएगा।’
उन्होंने कहा, ‘चुनाव आयोग को संविधान की रक्षा करनी चाहिए… वह भाजपा के निर्देशों पर काम कर रहा है। इन निर्वाचन आयुक्तों को भाजपा ने ही नामित किया है। मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण चुनावी चोरी का एक प्रयास है।’
Rahul Gandhi चुनाव आयोग को संविधान की रक्षा करनी चाहिए… वह भाजपा के निर्देशों पर काम कर रहा
महागठबंधन द्वारा आहूत राज्यव्यापी बंद के मद्देनजर विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं के सड़कों पर उतरने से राज्य के कई हिस्सों में रेल और सड़क यातायात बाधित रहा। विपक्षी दलों के नेताओं ने पटना के महात्मा गांधी सेतु पर टायर जलाकर सड़क यातायात बाधित किया। मुजफ्फरपुर, नवादा, अरवल, जहानाबाद और दरभंगा जैसे जिलों में भी राजमार्गों पर टायर फूंके गये।

