नयी दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने कहा है कि सरकार ने कई छात्रों को विदेश इसलिए नहीं भेजा है कि नेशनल ओवरसीज छात्रवृत्ति की निधि में पर्याप्त पैसा नहीं था लेकिन जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्रा का सवाल आता है तो इसके लिए पैसे आड़े नहीं आते हैं।
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Rahul Gandhi ने कहा कि जब कोई दलित, पिछड़ा या आदिवासी छात्र पढ़ना चाहता है – तभी मोदी सरकार को बजट याद आता है। नेशनला ओवरसीज छात्रवृत्ति में चयनित 106 में से 66 वंचित छात्रों को सिर्फ इसलिए विदेश में पढ़ने की स्कॉलरशिप नहीं दी गई क्योंकि सरकार के पास “फंड नहीं” है। लेकिन मोदी जी की विदेश यात्राओं, प्रचार और इवेंटबाज़ी पर हज़ारों करोड़ रुपये बेहिचक खर्च किए जाते हैं।
Rahul Gandhiने कहा कि भाजपा आरएसएस नेताओं के बच्चों को कहीं पढ़ने पर कोई अड़चन नहीं – मगर जैसे ही कोई बहुजन छात्र आगे बढ़ता है, पूरा सिस्टम अड़ंगा लगाने लगता है। कहीं सरकारी स्कूलों को कम कर देना, कहीं बेवजह ‘उपयुक्त नहीं पाये गये कह कर अवसर के दरवाज़े बंद कर देना तो कहीं मेहनत से हासिल स्कॉलरशिप छीन लेना – ये सिर्फ़ अन्याय नहीं, भाजपा का खुला बहुजन शिक्षा विरोध है। यही मनुवादी सोच आज फिर से एकलव्य का अंगूठा मांग रही है।
Rahul Gandhi जब कोई दलित, पिछड़ा या आदिवासी छात्र पढ़ना चाहता है – तभी मोदी सरकार को बजट याद आता है
कांग्रेस नेता ने इसे अमानवीय फैसला बताया और कहा कि मोदी सरकार को यह अमानवीय फ़ैसला तुरंत पलटना होगा और इन 66 छात्रों को विदेश भेजना ही होगा। हम बहुजनों से शिक्षा का यह मौलिक अधिकार छिनने नहीं देंगे।

