Uttar Pradesh

बोरे में बंद Newborn(नवजात) तालाब किनारे मिली

रोने की आबाज सुनकर पहुंचे ग्रामिणों ने बचाई नवजात की जान,सूचना पर पहुंची चाइल्ड टीम ने कराया अस्पताल में भर्ती

बोरे में बंदकर Newborn बच्चे को मरने के लिए तालाब किनारे फैंक गया कोई,

रोने की आबाज सुनकर पहुंचे ग्रामिणों ने बचाई Newborn की जान,सूचना पर पहुंची चाइल्ड टीम ने कराया अस्पताल में भर्ती

बदायूं। उसावां थाना क्षेत्र के गांव गौतरा भौनी पट्टी में सोमवार को एक Newborn बालक बोरे में बंद तालाब किनारे पड़ा मिला। जब लोगों ने उसके रोने की आवाज सुनी तो उसे बोरे से निकाला गया। कुछ लोग कपड़े लेकर आए तो किसी ने दूध लाकर पिलाया। बाद में मौके पर पहुंची चाइल्ड टीम उसे महिला अस्पताल के एसएनसीयू ले गई। डॉक्टरों ने बालक को स्वस्थ बताया है।

 

 

कल सोमवार सुबह गौंतरा भौनी पट्टी गांव के कुछ लोग अपने खेतों की ओर जा रहे थे। तभी उन्होंने गांव के बाहर तालाब किनारे एक बोरे से नवजात बालक की रोने की आवाज सुनी। गांव के लोग बोरे से बालक की रोने की आवाज सुनकर हैरान रह गए। इस पर उन्होंने गांव के और लोगों को बुला लिया। मौके पर भीड़ जमा हो गई।

 

 

ग्रामीणों ने बोरा खोला तो Newborn बच्चे को देख दंग रह गए।

नवजात बोरे के अंदर बिलख रहा था। बोरे में मासूम बालक मिलने की खबर गांव में आग की तरह फैल गई। कुछ लोग भागकर गए और कपड़े ले गए। उन्होंने बच्चे को कपड़े पहनाए। तो किसी ने तुरंत गाय के दूध का इंतजाम किया। बालक को दूध पिलाया। गांव की महिलाओं ने उसे दुलार कर चुप कराया।

सरकारी रिजल्ट देखे

 

 

सूचना पर उसावां एसओ रामेंद्र सिंह पहुंच गए। वह बालक को म्याऊं स्वास्थ्य केंद्र ले गए। इसकी सूचना पर चाइल्ड लाइन टीम स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गई। चाइल्ड लाइन टीम ने ही बालक को महिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती कराया। एसएनसीयू प्रभारी डॉ.संदीप वार्ष्णेय ने बताया कि बालक की हालत ठीक है, वह दूध पी रहा है और डॉक्टरों की निगरानी में है।

 

 

उधर, गांव के लोगों ने बताया कि किसी ने नवजात को मरने के लिए फेंका होगा। सुबह उसके रोने की आवाज सुनकर लोगों को पता चल गया, जिससे उसकी जान बच सकी। पुलिस अब पता लगाने में जुटी है कि नवजात को किसने फेंका है।  नवजात

सचिवालय

 

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