UP News-उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक डॉक्टर ने पहले गरीब परिवार की बेटी को सहारा देने के नाम पर उसे अपने घर पर नौकरी पर रखा और उसके बाद मौका मिलते ही बेहोशी का इंजेक्शन देकर कथित रूप से बलात्कार की घटना को अंजाम दे दिया। इतना ही नहीं उसने युवती का अश्लील वीडियो भी अपने मोबाइल में बना लिया। जिसके बाद शुरू हुआ 14 महीने तक ब्लैकमेल करते हुए बलात्कार का सिलसिला।
कार्रवाई ना होने पर पीड़िता ने दी खुदकुशी की धमकी
बताया जा रहा है कि इस मामले की शिकायत पीड़िता ने पुलिस से भी की लेकिन कोई कार्रवाई न होने के चलते पीड़ित युवती ने अपना एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर आत्महत्या की धमकी देते हुए पुलिस प्रशासन को इसका जिम्मेदार तक बता दिया। पीड़िता का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस भी हरकत में आई जिसके बाद आननफानन में एसएसपी मुजफ्फरनगर ने इस मामले की जांच एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ को दी।
डॉक्टर सुलेमान पर पीड़िता ने लगाए गंभीर आरोप
दरसअल नगर कोतवाली क्षेत्र के मिमलाना रोड निवासी एक 21 वर्षीय युवती ने कोतवाली में लिखित शिकायती पत्र देते हुए ये आरोप लगाया गया था कि उनके पड़ोस में ही रहने वाले डॉक्टर सुलेमान ने 2 साल पहले उसे अपने घर घरेलू काम के लिए नौकरी पर रखा था। लेकिन आरोप है कि इसी दौरान डॉ. सुलेमान ने एक दिन जब पीड़िता की अचानक तबीयत खराब हुई तो उसे बेहोशी का इंजेक्शन देकर उसके साथ पहले बलात्कार किया और फिर उसका अश्लील वीडियो अपने मोबाइल में बना लिया।
डॉक्टर ने रिकॉर्ड कर लिया पीड़िता का अश्लील वीडियो
पीड़िता के मुताबिक, होश में आने के बाद जब पीड़िता को आपबीती का एहसास हुआ तो उसने आरोपी डॉक्टर सुलेमान और उसकी पत्नी आबिदा से इस बाबत बात की तो उन्होंने अपने मोबाइल में उसकी अश्लील वीडियो दिखाते हुए वीडियो वायरल करने और उसे जान से मारने की धमकी तक दे डाली।
ब्लैकमेल करके 14 महीने तक किया बलात्कार
पीड़िता का आरोप ये भी है कि इसके बाद डॉक्टर सुलेमान ने उसे ब्लैकमेल करते हुए उसके साथ 14 महीने तक बलात्कार किया लेकिन एक दिन हिम्मत करके पीड़िता ने जब आपबीती अपने पिता को बताई तो पीड़ित पिता अपनी बेटी को लेकर कोतवाली पहुंच गया, जिसके बाद बीते 6 मार्च को पीड़िता ने नगर कोतवाली में डॉक्टर सुलेमान के खिलाफ शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की लेकिन पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था लेकिन कुछ ही घंटे बाद उसे छोड़ भी दिया।
पीड़िता ने आलाधिकारियों से की शिकायत
फिर पीड़िता ने इसकी शिकायत आलाधिकारियों से भी की लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो पीड़िता ने अपना एक वीडियो रिकॉर्ड करके, उसमें आपबीती बताते हुए खुद को आग लगाकर आत्महत्या की धमकी दी। साथ ही, पुलिस को इसका जिम्मेदार बताया। वीडियो वायरल होने के बाद एसएसपी मुजफ्फरनगर संजय कुमार वर्मा ने तुरंत एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ के नेतृत्व में एक टीम को गठित कर इस मामले की जांच शुरू कराई।
इस मामले को लेकर एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ का कहना है कि एक वीडियो संज्ञान में आया हुआ है। इस संबंध में कोतवाली नगर क्षेत्र की एक महिला ने कंप्लेंट की था। जिसके संबंध में मुझे और मेरे साथ-साथ एक पैनल बनाया गया। उसको वह जांच दी गई है। मौके पर जाकर जांच की जा रही है। जांच के बाद आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

