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Mumbai : पवन सिंह–ज्योति सिंह विवाद पर जौनपुर की बेटी आँचल सोनी छब्बरिया का बयान

On: October 9, 2025 3:39 PM
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Mumbai
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Mumbai : पवन सिंह–ज्योति सिंह विवाद पर जौनपुर की बेटी आँचल सोनी छब्बरिया का बयान — पत्नी सिर्फ नाम नहीं, पति की इज़्ज़त की ढाल होती है ।
ज्योति सिंह तो घड़ियाल हैं ।

नारी शक्ति तब महान है जब वह मर्यादा और सम्मान के साथ रहे।
अपनों को गिराकर ऊपर चढ़ना — नारीत्व नहीं, स्वार्थ है।

अतिथि:
आँचल सोनी छब्बरिया जौनपुर की बेटी, एक पत्नी, एक माँ।

स्थान: Mumbai |
तिथि: 8 अक्टूबर 2025
फॉर्मेट: प्रेस( गिरजा शंकर अग्रवाल ) का डिजिटल-इंटरव्यू

प्रश्न (संवाददाता): आंचल जी आपने पहले साफ़ कहा है कि पत्नी का असली अर्थ क्या है। पवन–ज्योति के विवाद पर आपकी क्या राय है?

आँचल: मैं सबसे पहले एक पत्नी हूँ और मैं जानती हूँ पत्नी क्या होती है। पत्नी सिर्फ सिंदूर और मंगलसूत्र तक सीमित नहीं होती पत्नी अपने पति की इज़्ज़त उसकी मर्यादा और उसके नाम की ढाल होती है। मैं अपने पति से बेइंतिहा मोहब्बत करती हूँ, और उसके सम्मान की रक्षा मेरा फर्ज़ है। जो भी व्यक्ति ख़ासकर जिसने अपने पति के नाम से पहचान पाई हो उस नाम की गरिमा से खेलती है, वह गलत है। मेरी नज़र में इस मामले में झूठ, बदनाम करने की कोशिश और पब्लिक शोहरत के लिए निजी रिश्तों को उजागर करना पूरी तरह गलत है।

प्रश्न: कुछ लोग कह रहे हैं कि यह एक निजी मामला है इसे सार्वजनिक नहीं करना था ज्योति जी को इस पर आप सार्वजनिक रूप से क्या कहना चाहेंगी?
आँचल: क्योंकि बात अब सिर्फ़ पवन जी ज्योति जी की निजी नहीं रही सबके सामने आ गई हैं तो मैं कहना चाहूँगी यह जनता के सामने एक व्यक्ति की इज़्ज़त और उसके परिवार की गरिमा का मामला बन गया है। कोई नाम कमाने के लिए किसी की छवि खराब करे ये सही नहीं। अगर ज्योति जी ने पवन सिंह जी के नाम से पहचान और सम्मान पाया है, तो उस नाम की इज़्ज़त रखनी चाहिए — उन्हें बदनाम मत कीजिए। मैंने हमेशा कहा है: पति का सम्मान पत्नी का सबसे बड़ा आभूषण है।

प्रश्न: मीडिया में यह भी खबरें आईं कि ज्योति राजकोट जाकर अपने परिवार के साथ राजनीति कर रही हैं — आप इस पर क्या कहेंगी?

आँचल: मैंने भी यह सुना है और यह चिंताजनक है कि निजी विवाद को पॉलिटिकल माइलेज देने की कोशिश की जा रही है रिश्तों की टांग खींचकर और घर-गृहस्थी को दाव पर लगा कर मुद्दा बनाकर राजनीति कमाई गई तो यह बेहद घिनौना होगा।ज्योति जी की पहचान पवन जी से हैं शादी के पहले कोई उन्हें नहीं जानता था अब जब दोनों के रिश्ते में दरार पड़ चुकी हैं वो भी ज्योति जी के तरफ़ से तो आज इतने सालों बाद फिर क्यों पति याद आया आज जब पवन जी राजनीति के तरफ़ BJP के तरफ़ रुख़ किए तो ख़ुद को भी नेता बनने के लिए हमारे अभिनेता को बदनाम कर रही हैं इन्हें पहचान मिली पवन जी से अब लालच के लिए उन्हें बदनाम कर रही हैं ये सही नहीं
ज्योति जी आप ने अपनी पहचान पवन जी के नाम से बनाई है जो आपके पति हैं तो अब उस नाम का इस्तेमाल व्यक्तिगत लाभ और राजनीति दोनों के लिए कराना निंदनीय है। यह न केवल अनैतिक है, बल्कि परिवार और समाज के प्रति अपमान भी है।

प्रश्न: क्या आप पवन सिंह का समर्थन कर रही हैं?

आँचल: बिलकुल — पवन सिंह हमारे भोजपुरी इंडस्ट्री के धरोहर हैं मेरा पूरा समर्थन पवन जी के साथ है। मैं भी 5 January को पैदा हुई हूँ और पवन सिंह जी भी 5 January को पैदा हुवे हैं
मैं जानती हूँ हम चाहे जितना अच्छा कर ले पर कोई ना कोई आ कर हमारा फ़ायदा उठा लेता हैं क्योंकि 5 January वाले लोग दिल के साफ़ होते हैं दूसरे के झासे के सीकर जल्दी हो जाते हैं मैं सार्वजनिक रूप से यह कहती हूँ: पवन जी को बदनाम न कीजिए। जो लोग नाम कमाने के लिए किसी को नीचा दिखाते हैं, उनका समाज में कोई स्थान नहीं होना चाहिए।

प्रश्न: आप ज्योति को क्या संदेश देना चाहेंगी?

आँचल: ज्योति जी आपने पवन जी के नाम से पहचान पाई है, तो कम से कम उस नाम की मर्यादा और इज़्ज़त बनाए रखिए। नाम कमाने के लिए किसी की बदनामी करना घटिया बात है। आप नारी शक्ति का नाम लेती हैं — पर शक्ति तभी पवित्र होती है जब वह मर्यादा और विवेक के साथ हो। मैं कहती हूँ: अपने निजी मतभेदों को सार्वजनिक रूप से इस तरह इस्तेमाल मत कीजिए कि किसी इंसान की इज़्ज़त मिट्टी में मिल जाए।

प्रश्न: क्या आपका यह बयान सोशल मीडिया पर साझा किया जा सकता हैं?

आँचल: देखिए मैं यहाँ जो भी आप को बता रही हूँ ये मेरा नहीं पूरे देश का मामला हैं मैं किसी ट्रोल या कंट्रवर्षी का हिस्सा नहीं बनना चाहती हूँ पर हाँ — मैं चाहती हूँ कि लोग समझें: रिश्ता और मर्यादा दोनों की कद्र होनी चाहिए। ज्योति जी पवन जी से तब शादी की जब वो भोजपुरी में बहुत पॉपुलर थे वो भी पवन जी के बारे में सब जानते हुवे एक्स प्रजेंट अफ़ेयर सब सभी को पता था अगर लालच नहीं था तो तब क्यों शादी की फिर दहेज का आरोप लगा कर मुकदमा दर्ज कराया फिर दस बीस पचास हज़ार नहीं पचास लाख महीने की माँग की ये लालच नहीं तो और क्या हैं
अब पवन जी केवल भोजपुरी में ही नहीं देश विदेश तक फ़ेमस हैं तो फिर से पति पाओ नारी बचाओ आंदोलन सुरु कर दिया अरे और मत गिरिये ज्योति जी आप की इज़्ज़त आप ख़ुद से गिरा रही हैं भाभी माँ नहीं अब सब को पता हैं आप लोभी औरत हैं
मैं ज्योति जी और उनकी जनता से यही अपील करती हूँ — बदनामी से बचिए, नाम कमाने के लिए किसी का अपमान मत कीजिए।

पत्नी सिर्फ नाम नहीं — पति की इज़्ज़त की ढाल होती है।
अगर आपने किसी नाम पर पहचान पाई है, तो उस नाम की इज़्ज़त रखिए बदनाम कर के नाम मत कमाइए।
ज्योति जी — राजनैतिक सक्रियता के नाम पर निजी विवादों का फायदा मत उठाइए।
मेरा पूरा समर्थन पवन सिंह जी के साथ है — पवन जी को बदनाम न कीजिए।

Mumbai पत्नी सिर्फ नाम नहीं, पति की इज़्ज़त की ढाल होती है 

नारी शक्ति तब महान है जब वह मर्यादा और सम्मान के साथ रहे।अपनों को बदनाम कर के ख़ुद को सही साबित करना नंदनीय हैं ।
नाम मिला है तो उसकी कदर भी कीजिए। पवन जी को बदनाम कर के नाम मत कमाइए।
अगर मुझे या मेरे परिवार को कोई दिक़्क़त आती हैं ये सब कुछ मेरे बोलने में तो ये सब की ज़िम्मेदार ज्योति जी ही होंगी ।

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