Mumbai ( गिरजा शंकर अग्रवाल ) – मैं बस अच्छा काम करना चाहती हूँ चाहे लीड हो या स्ट्रॉन्ग कैरेक्टर, मुझे फर्क नहीं पड़ता।आँचलसोनी छब्बरिया, भोजपुरी और हिंदी सिनेमा की खूबसूरत और प्रतिभाशाली अभिनेत्री आँचल सोनी छब्बरिया जिन्हें दर्शक प्यार से जौनपुर की बेटी कहते हैं। फिर से अपनी अदाकारी से दर्शकों के दिलों में जगह बनाने लौटी हैं! आँचल ने अपने सादगी भरे व्यक्तित्व और दमदार अभिनय से कई फिल्मों में यादगार किरदार निभाए हैं!
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शुरुआती सफर और पहचान: आँचल का सफर आसान नहीं था। उन्होंने इंडस्ट्री में कदम रखा बतौर सपोर्टिंग और सेकेंड लीड अभिनेत्री, और अपने अभिनय से दर्शकों का ध्यान खींचा। फिर लीड एक्ट्रेस बन कर उन्होंने इंडस्ट्री को अलविदा कहा ।उनकी शुरुआती फ़िल्में रही हैं —होत बा जवानी जियान ए राजा जी,खुदार,गुलाम ,भई जी ,जवानी ज़िंदाबाद,आसकी में तीन पाँच,द डेंजरस रेड , शादी के लड्डू, गुलाबो और कई अन्य लास्ट में बाप रे बाप फ़िल्म के बाद लिया लम्बा विराम धीरे-धीरे उन्होंने लीड एक्ट्रेस के रूप में अपनी पहचान बनाई और एक मजबूत स्थान हासिल किया। फिर अलविदा कह दिया ।परिवार के लिए लिया ब्रेक: आँचल ने अपने करियर के शिखर पर पहुँचकर इंडस्ट्री को अलविदा कहा। वजह थी! परिवार।
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वो बताती हैं! शादी के बाद मैंने तय किया कि पहले अपने परिवार को वक्त दूँ। और मैंने दिया अब हमारी शादी को 8 साल हो गए हैं और मेरा बेटा 3.5 साल का है। स्कूल जाता हैं ।मैंने एक पत्नी और माँ के रूप में अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह निभाई ।पर अब भी मेरे अंदर एक्टिंग ज़िंदा थी और मेरे सपनों को फिर से साकार करने के लिए मेरे पति और परिवार ने मुझे बहुत मदद की और फिर अपने सपनों को जीने का समय आ गया और अब मैं आप सभी के सामने हूँ ।
वापसी की शुरुआत: लंबे गैप के बाद आँचल ने इंडस्ट्री में दोबारा एंट्री की सास बहू का प्यार लाल मिर्च का अचार जैसी पारिवारिक फ़िल्मों से फिर रेशम की डोर फ़िल्म ने उनके अभिनय को नए सिरे से दर्शकों तक पहुँचाया।अब वो आने वाले फ़िल्मों में फिर से लीड रोल में नज़र आने वाली हैं ।
वो मुस्कुराते हुए कहती हैं मैंने हमेशा पारिवारिक और सामाजिक कहानियों को प्राथमिकता दी है। मेरे लिए किरदार का आकार नहीं, उसका असर मायने रखता है।आने वाली फ़िल्में अब आँचल अपने नए अवतार में पूरी तरह तैयार हैं।उनकी दो प्रमुख फ़िल्में जल्द रिलीज़ होने जा रही हैं,1- गौरी का लल्ला— भावनात्मक और पारिवारिक कहानी, जिसमें आँचल लीड रोल में हैं। 2- भाई तो भाई होता है-जिसमें आँचल एक सशक्त महिला के रूप में नज़र आएँगी लीड रोल में। दोनों फ़िल्में जल्द ही OTT और सिनेमाघरों में रिलीज़ होंगी और नवंबर से उनकी नई फिल्मों की शूटिंग शुरू होने जा रही है।
लीड या सेकेंड लीड — फर्क नहीं पड़ता: आँचल अपनी सोच पर स्पष्ट हैं, मुझे फर्क नहीं पड़ता कि मैं लीड कर रही हूँ या सेकेंड लीड। अगर किरदार अच्छा है,तो मैं पूरी मेहनत से उसे निभाऊँगी। बस कहानी परिवारिक और समाजिक विषय पर होनी चाहिए वही मेरे दिल के करीब है।आँचल कहती हैं, मेरे पति और परिवार सबका बहुत प्यार और समर्थन मिला है।
आज मैं जो भी हूँ, वो मेरे परिवार की वजह से हूँ।दर्शकों के लिए संदेश:आप सबने मुझे पहले भी प्यार दिया, अब दोबारा अपना बनाइए। मैं हर किरदार में अपनी सच्चाई और संवेदना डालती हूँ। मैं वादा करती हूँ ‘जौनपुर की बेटी’ हमेशा आपके दिलों में बनी रहेगी।
Mumbai ‘जौनपुर की बेटी’ हमेशा आपके दिलों में बनी रहेगी
आँचल सोनी छब्बरिया सिर्फ़ एक अदाकारा नहीं, बल्कि एक प्रेरणा हैं। वो उन महिलाओं की मिसाल हैं जो परिवार और सपनों के बीच संतुलन बनाकर फिर से अपनी पहचान बनाती हैं। माँ, पत्नी और अभिनेत्रि तीनों भूमिकाएँ बखूबी निभाती जौनपुर की बेटी आँचल सोनी छब्बरिया अब फिर से सिनेमा के परदे पर दमदार वापसी करने को तैयार हैं।

