नई दिल्ली । संसद के मानसून सत्र का अंतिम दिन था। इस बार मानसून सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया। इस बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष होना चाहिए। विरोध करना या असहमति जताना अपनी बात कहने का लोकतांत्रिक तरीका है, लेकिन संसद में सरकार के काम में बाधा डालना और उसे रोकना अलोकतांत्रिक है।
Kiren Rijiju ने वक्फ संबंधित उम्मीद पोर्टल लॉन्च किया
Kiren Rijiju ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि सरकार की दृष्टि से देश के लिए बहुत उपयोगी सत्र रहा है, लेकिन विपक्ष के सांसदों को, खासकर नए सांसदों को, सदन में बोलने का मौका नहीं मिला। सत्र के दौरान सांसद अपने लोकसभा क्षेत्र की बात रखते हैं, लेकिन विपक्ष के कई सांसदों को बोलने का मौका नहीं मिला, उसके लिए विपक्ष के नेता जिम्मेदार हैं। एनडीए और कुछ दल, जिन्होंने सत्र में भाग लिया, उन्हें धन्यवाद।
Kiren Rijiju ने कहा कि एक बात मेरे मन में चोट पहुंचाती है। कैप्टन शुभांशु शुक्ला पर चर्चा रखी गई थी, लेकिन विपक्ष ने चर्चा नहीं करने दी, जिसका दुख है। कई बिल पास किए हैं, कुछ बिल संयुक्त संसदीय समिति को भेजे गए हैं। उनमें तीन बिल महत्वपूर्ण हैं, जिनमें गवर्नमेंट ऑफ यूनियन टेरिटरीज (संशोधन) बिल 2025, 130वां संविधान संशोधन बिल 2025 और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) बिल 2025 शामिल हैं।
Kiren Rijiju सरकार की दृष्टि से देश के लिए बहुत उपयोगी सत्र रहा है
ये ऐसे बिल हैं, जिनमें आजादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री को रखा गया है। लोग खुद को बचाने के लिए कानून बनाते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष के लोगों ने भ्रम फैलाने की कोशिश की। इस बिल के लिए देशभर में स्वागत हो रहा है। मेरे पास कई संदेश आए।

