जयपुर। उपराष्ट्रपति Jagdeep Dhankhar ने राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत के ‘संवैधानिक पदों पर दबाव’ वाले बयान पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मैं न दबाव में रहता हूं, न दबाव देता हूं, न दबाव में काम करता हूं, न दबाव में किसी से काम कराता हूं।
Jagdeep Dhankhar सोमवार को राजस्थान की यात्रा पर
जयपुर में ‘स्नेह मिलन समारोह’ के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति Jagdeep Dhankhar ने कहा, ”मुझे थोड़ी सी चिंता हुई, मेरे स्वास्थ्य की नहीं, मेरे मित्र पूर्व मुख्यमंत्री की, जिन्होंने कहा कि हम दबाव में हैं। राजस्थान की राजनीति में वह मेरे सबसे पुराने मित्र हैं और मेरे बड़े भारी शुभचिंतक भी हैं।
मैं सार्वजनिक रूप से, क्योंकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है, वो चिंतामुक्त हो जाएं, मैं न दबाव में रहता हूं, न दबाव देता हूं, न दबाव में काम करता हूं, न दबाव में किसी से काम कराता हूं।”
वर्तमान राजनीतिक माहौल पर चिंता व्यक्त करते हुए Jagdeep Dhankhar ने कहा, “आज के दिन राजनीति का जो वातावरण है और जो तापमान है, वो स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। प्रजातंत्र के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है, चिंतन का विषय है।” उन्होंने आगे कहा, “सत्ता पक्ष प्रतिपक्ष में जाता रहता है, प्रतिपक्ष सत्ता पक्ष में आता रहता है पर इसका मतलब ये नहीं है कि दुश्मनी हो जाए। दरार हो जाए, दुश्मन हमारे सीमापार हो सकते हैं, देश में हमारा कोई दुश्मन नहीं हो सकता।”
राष्ट्रीय भावना को दलगत राजनीति से ऊपर बताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा, “जब हम देश के बाहर जाते हैं तो न पक्ष होता है, न प्रतिपक्ष होता है, हमारे सामने भारतवर्ष होता है और यह अब दिखा दिया गया। यह कदम है कि हमारे लिए राष्ट्र सर्वोपरि है, राष्ट्रहित हमारा धर्म है, भारतीयता हमारी पहचान है, जहां भारत का मुद्दा उठेगा, हम विभाजित नहीं हैं।
हमारे राजनीतिक मनभेद नहीं हैं, हमारे राजनीतिक मतभेद हैं पर वो देश के अंदर हैं और एक बहुत बड़ा संकेत और दिया गया कि जब देश की बात आती है तो राजनीतिक चश्मे से कुछ नहीं देखा जाएगा। यह बहुत बड़ी उपलब्धि है, जिसको हर आदमी को पता लगना चाहिए।”
Jagdeep Dhankhar राजनीति का इतना तापमान असहनीय हो रहा है। बेलगाम होकर हम वक्तव्य जारी कर देते हैं
उन्होंने कहा, “राजनीति का इतना तापमान असहनीय हो रहा है। बेलगाम होकर हम वक्तव्य जारी कर देते हैं, आज के दिन देखना पड़ेगा भारत का मतलब दुनिया की एक-छठी आबादी यहां रहती है। दुनिया का कोई देश हमारे नजदीक तक नहीं आता है। 5,000 साल की संस्कृति किसके पास है? बेजोड़ है, बेमिसाल है।”

