नई दिल्ली। India : अगले दो दिनों तक जोहानिसबर्ग में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन के बाद संयुक्त घोषणापत्र को लेकर जारी संशय के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार दोपहर दक्षिण अफ्रीका पहुंच गए। पहली बार अफ्रीकी महादेश में दुनिया की सबसे प्रमुख 20 आर्थिक शक्तियों की इस बैठक का अमेरिका विरोध कर रहा है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण अफ्रीका सरकार पर गोरे किसानों के हितों की अनदेखी करने और उनका सरकारी दमन करने का आरोप लगाते हुए सम्मेलन का विरोध किया है। संयुक्त घोषणापत्र की संभावना को लेकर संशय जताया जा रहा है।
बताया गया है कि भारत दोनों पक्षों के बीच उसी तरह से सामंजस्य बनाने की कोशिश कर रहा है, जैसा 2023 के नई दिल्ली सम्मेलन के दौरान इंडोनेशिया, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्र प्रमुखों ने साझा बयान की राह में आने वाले अवरोधों को दूर करने में मदद की थी।
दक्षिण अफ्रीका रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने जी-20 की थीम ‘एकजुटता, समानता और सतत विकास’ की सराहना की और कहा कि दक्षिण अफ्रीका ने 2023 के दिल्ली तथा 2024 के रियो डी जेनेरियो शिखर सम्मेलनों के परिणामों को आगे बढ़ाने में मदद की थी।
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उन्होंने कहा, मैं 21-23 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका गणराज्य का दौरा कर रहा हूं, जहां जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन में भाग लूंगा। 2023 में भारत की अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को जी-20 का स्थायी सदस्य बनाया गया था। मैं शिखर सम्मेलन में भारत का दृष्टिकोण ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ की हमारी दृष्टि के अनुरूप विचार रखूंगा।

