नई दिल्ली। India : 1960 में हुए सिंधु जल संधि पर मध्यस्थता न्यायालय के दावे और चिंताओं को भारत ने सिरे से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में पांच सूत्रीय बयान जारी किया है, जिसमें स्वनियुक्त पैनल को गैरकानूनी बताया गया है।
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India ने कभी इस स्वनियुक्त और तथाकथित मध्यस्थता न्यायालय के अस्तित्व का मान्यता नहीं दी
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने कभी इस स्वनियुक्त और तथाकथित मध्यस्थता न्यायालय के अस्तित्व का मान्यता नहीं दी और यह मध्यस्थ निकाय अपने आप में सिंधु जल संधि का उल्लंघन है।

