एचपीसीएल हत्याकांड: सुनियोजित साजिश थी दोनों अफसरों की हत्या, बदायूं पुलिस ने कोर्ट में दाखिल की चार्जशीट
पुलिस ने अजय प्रताप को मुख्य शूटर माना, 755 पन्नों में दो अफसरों की हत्या की कहानी,
बदायूं के मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैजनी गांव में 12 मार्च को हुए सनसनीखेज एचपीसीएल दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने 83 दिन की लंबी विवेचना के बाद बुधवार को 755 पन्नों का आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। बहुप्रतीक्षित इस आरोपपत्र में मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह समेत पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है।
पुलिस ने अजय प्रताप सिंह को घटना में मुख्य शूटर बताते हुए हत्या का आरोपी माना है।उसके सगे भाई केशव प्रताप सिंह,तहेरे भाई अभय प्रताप सिंह उर्फ कल्लू,धर्मेंद्र तथा मुनेंद्र विक्रम पर हत्या की साजिश रचने और घटना को अंजाम दिलाने में सहयोग करने के आरोप पाए गए। मामले की विवेचना करने वाले मूसाझाग थाने के इंस्पेक्टर वीरेंद्र तोमर ने बताया कि करीब 755 पन्नों का आरोप पत्र मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय में दाखिल किया गया है।
करीब तीन माह पहले 12 मार्च को हुए इस दोहरे हत्याकांड ने न केवल बदायूं, बल्कि प्रदेश व देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था। प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तकने मामले का संज्ञान लिया था। मुख्यमंत्री ने जांच के लिए एसआईटी का भी गठन किया था। पेट्रोलियम क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रम हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनी के सीबीजी प्लांट में हुई इस वारदात के बाद सुरक्षा व्यवस्था, कारोबारी वर्चस्व और स्थानीय विवादों को लेकर भी कई सवाल खड़े हुए थे। अब पुलिस की विवेचना पूरी होने और आरोपपत्र दाखिल होने के बाद मामला न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण में पहुंच गया है।

