पंचकूला। Haryana विधानसभा ने मानसून सत्र के अंतिम दिन बुधवार को एक प्रस्ताव पारित कर देश व राज्य के मीडिया मंचों से आह्वान किया कि वे अपने न्यूज प्लेटफॉर्म पर अपराधियों को महिमामंडित न करें।
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खबरों में न तो बड़े गैंग्सटरों के नाम लिखे जाएं और न ही उन्हें किसी गिरोह से जोड़कर पेश किया जाए। कई खबरें ऐसी होती हैं, जिनमें अपराधियों व उनके गैंग के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाती है। इसका असर युवा पीढ़ी पर विपरीत रूप से पड़ता है और वे इन अपराधियों की तरह बनने की ओर चल पड़ते हैं।
Haryana मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को कानून व्यवस्था की स्थिति पर कांग्रेस के काम रोको प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान यह संकेत दिए थे कि अपराधियों को महिमा मंडित नहीं किए जाने का प्रस्ताव सदन में लाया जा सकता है।
‘महिमामंडल करना उचित नहीं’
Haryana राज्य के पंचायत एवं विकास मंत्री कृष्ण पंवार बुधवार को सदन में यह प्रस्ताव लेकर आए, जिसे Haryana विधानसभा ने सर्वसम्मति से पारित किया। इस प्रस्ताव के माध्यम से चिंता व्यक्त की गई कि कुछ इंटरनेट मीडिया मंचों और समाचार पत्रों में गैंगस्टरों और अपराधियों को महिमामंडित करने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जो कि उचित नहीं है।
पंचायत एवं विकास मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने प्रस्ताव पढ़ते हुए कहा कि अपराधियों का महिमामंडन हमारे युवाओं में उनकी छवि को एक नायक के रूप में प्रस्तुत करता है। यह प्रवृत्ति न केवल समाज की सांस्कृतिक एवं नैतिक नींव को कमजोर करती है, बल्कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिन-रात कार्यरत पुलिस बल की मेहनत को भी आघात पहुंचा रही है।
उन्होंने कहा कि सदन का मत है कि सभी मीडिया संस्थानों को अपराधियों और गैंगस्टरों के किसी भी प्रकार के महिमामंडन से परहेज करना चाहिए। उनके नाम और तस्वीरें प्रकाशित नहीं करनी चाहिए।
‘मीडिया मंचों से किया आग्रह’ : Haryana
विपक्ष ने भी Haryana सरकार के इस प्रस्ताव के प्रति सहमति जताई। प्रस्ताव में कहा गया कि मीडिया मंचों से पुरजोर आग्रह है कि वे अपराधियों के महिमामंडन की प्रवृत्ति को पूरी सजगता से हतोत्साहित करें और इसके स्थान पर ऐसे विचारों और व्यक्तित्वों को प्राथमिकता दें, जो नई पीढ़ी को शिक्षा, परिश्रम और सच्चाई के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।

