अंतरराष्ट्रीयराष्ट्रीयउत्तर प्रदेशउत्तराखंडपंजाबहरियाणाझारखण्डऑटोमोबाइलगैजेट्सखेलनौकरी और करियरमनोरंजनराशिफलव्यवसायअपराध

---Advertisement---

यमुना की सफाई पर Haryana -दिल्ली का साझा मोर्चा, बनाई जाएगी संयुक्त कमेटी, निकाला जाएगा हल

On: August 21, 2025 10:53 AM
Follow Us:
Haryana
---Advertisement---

Haryana : दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान यमुना की गंदगी सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनी थी। तब दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और Haryana के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बीच यमुना प्रदूषण को लेकर तीखी बयानबाजी हुई थी।

Haryana विधान सभा के मानसून सत्र की तैयारियां पूरी, अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने ली उच्च स्तरीय बैठक

हालांकि अब हालात बदल रहे हैं। दिल्ली में रेखा गुप्ता के नेतृत्व में बीजेपी सरकार बनने के बाद पहली बार Haryana और दिल्ली ने मिलकर नदी की सफाई की साझा राह पर कदम बढ़ाए हैं। नई दिल्ली स्थित श्रम शक्ति भवन में बुधवार को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बैठक में यह तय हुआ कि यमुना की सफाई और पुनर्जीवन को लेकर एक संयुक्त समिति बनाई जाएगी।

इसमें केंद्रीय जल आयोग, दिल्ली सरकार और हरियाणा सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति न केवल प्रदूषण नियंत्रण बल्कि यमुना से जुड़े सभी मसलों का समाधान तलाशेगी। बैठक में केंद्रीय शहरी आवास एवं ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल भी मौजूद रहे।

Haryana , सैनी ने बताया कि अब तक 16 हजार मीट्रिक टन कचरा यमुना से निकाला जा चुका है। नदी में गिरने वाले गंदे नालों को सीधे नहीं छोड़ा जा रहा बल्कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के जरिए शुद्ध कर प्रवाहित किया जा रहा है। फरीदाबाद के ओखला क्षेत्र में यमुना के पानी के बीओडी स्तर में उल्लेखनीय सुधार दर्ज हुआ है। अभी तक 44 एसटीपी स्थापित किए जा चुके हैं, जिनसे प्रतिदिन लगभग 620 एमएलडी पानी साफ किया जा रहा है। नौ और नए एसटीपी पर काम चल रहा है, जिनसे प्रतिदिन 510 एमएलडी पानी और शुद्ध होगा।

Haryana , करनाल से ओखला तक सुधार की कोशिश

Haryana मुख्यमंत्री ने बताया कि करनाल जिले के पल्ला गांव से यमुना में गिरने वाली ड्रेन का बीओडी स्तर 80 है, जिसे और नीचे लाने के प्रयास हो रहे हैं। वहीं, ओखला में स्थिति पहले से बेहतर है और आगे इसे और सुधारा जाएगा। सैनी ने कहा कि नजफगढ़ झील और ड्रेन की नियमित मॉनिटरिंग दिल्ली व हरियाणा के प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों की संयुक्त टीम करेगी। हरियाणा के उद्योगों से निकलने वाले दूषित पानी की जांच भी की जाएगी ताकि प्रदूषण को जड़ से खत्म किया जा सके।

पानी की कोई सीमाएं नहीं होती
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण और पानी को लेकर किसी भी राज्य की कोई सीमाएं नहीं होती। इसलिए मिलकर ही यमुना को स्वच्छ बनाया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के तहत निर्धारित लक्ष्य पर तेजी से काम हो रहा है। बैठक में केंद्रीय सचिव देवश्री मुखर्जी, दिल्ली के मुख्य सचिव धर्मेंद्र कुमार, हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव विनीत गर्ग और अतिरिक्त मुख्य सचिव सिंचाई विभाग अनुराग अग्रवाल सहित पर्यावरण व सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply

error: Content is protected !!