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Haryana में शिक्षा का डबल धमाका, अब BA करते-करते बनेंगे शिक्षक

On: July 1, 2025 5:28 PM
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Haryana
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चंडीगढ़। Haryana : कल्पना कीजिए कि आप 12वीं के बाद बीए कर रहे हैं और साथ ही आपकी बीएड की पढ़ाई भी पूरी हो जाती है – सिर्फ़ चार साल में! यहां-वहां एडमिशन की कोई झंझट नहीं है; सालों तक इंतज़ार नहीं करना पड़ता। एक कोर्स, एक दिशा और एक लक्ष्य: एक महान शिक्षक बनना।

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Haryana सरकार ने अब कुछ ऐसा ही करने का संकल्प लिया है। एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (आईटीईपी) राज्य के बारह जिलों में एक नई शैक्षिक क्रांति शुरू करेगा। अब बीएड और बीए एक साथ चलेंगे, एक साथ पूरे होंगे – और सबसे महत्वपूर्ण बात? सिर्फ़ चार साल में आप ग्रेजुएट हो जाएंगे और एक सक्षम शिक्षक बन जाएंगे। टीचर बनने का स्मार्ट शॉर्टकट!

पहले की व्यवस्था कैसी थी? पहले बीए: तीन साल, उसके बाद बीएड – दो साल, यानी कुल मिलाकर पाँच साल और दो अलग-अलग कॉलेज में एडमिशन। अब क्या होगा? एक 4 साल का कोर्स बीए+बीएड है। इसका मतलब है एक साल की बचत और पूरी यात्रा में कोई रुकावट या व्यवधान नहीं।

Haryana के कौन कौन से कालेज से होगी शुरुआत ?

Haryana के 12 ज़िलों में 12 DIET संस्थान और उनके पार्टनर राजकीय कॉलेज इस कोर्स को शुरू करेंगे। एक झलक देखिए इन ज़िलों की:
पंचकूला
अंबाला
करनाल
जींद
महेंद्रगढ़
फरीदाबाद
यमुनानगर
पानीपत
सोनीपत
कैथल
चरखी दादरी ,
रेवाड़ी

यह कोर्स Haryana के बारह जिलों में बारह डाइट संस्थानों में शुरू होगा। सहयोगी सरकारी कॉलेज। इन क्षेत्रों पर नज़र डालें: हर जगह DIET और कॉलेज मिलकर कोर्स चलाएंगे: प्रोफेसर, लाइब्रेरी, लैब, संसाधन। . . सब कुछ साझा किया जाएगा। इसका मतलब है कि विद्यार्थियों को दोनों का लाभ मिलेगा!

शिक्षक बनने का सपना, अब सीधी राह पर

सरकारी कॉलेज अंबाला छावनी और DIET मोहरा के उदाहरण ही देखें। एक ही कैंपस में क्लास लगेंगी, दोनों संस्थानों से प्रशिक्षक आएंगे और दोनों कॉलेज मिलकर पढ़ाएंगे। दोनों के पास संसाधन हैं, फिर भी सिर्फ़ एक को फ़ायदा होगा: छात्र।
NEP 2020 की सही शुरुआत

यह संयुक्त पाठ्यक्रम सिर्फ़ बौद्धिक बदलाव के बजाय ज़मीनी स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन की दिशा में एक ठोस कदम है। शिक्षा एक पेशेवर अनुभव बन रही है जहाँ प्रशिक्षकों को सिर्फ़ डिग्री हासिल करने का ज़रिया नहीं, बल्कि पेशेवर तरीके से प्रशिक्षित किया जाएगा।

 

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