Haryana के सरकारी और सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी है। उच्चतर शिक्षा विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक राज्यभर में करीब 2,424 सहायक प्रोफेसर और सैकड़ों प्रोफेसर व प्राचार्य के पद खाली पड़े हैं। इसका सीधा असर कॉलेजों की पढ़ाई और छात्रों के भविष्य पर पड़ रहा है।
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नूंह विधायक आफताब अहमद के सवाल पर शिक्षा मंत्री महपाल ढांडा ने माना कि रिक्त पदों को भरने में देरी हो रही है। उन्होंने बताया कि नूंह सहित पूरे राज्य में 2,424 सहायक प्रोफेसर पदों की भर्ती का प्रस्ताव एचपीएससी को भेजा है। प्रोफेसर और प्राचार्य पदों पर पदोन्नति के प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन हैं। कुछ कैटेगरी के पदों के सेवा नियमों में संशोधन जारी है, जिसके बाद प्रक्रिया शुरू होगी।
Haryana में 2,424 सहायक प्रोफेसर पदों की भर्ती का प्रस्ताव एचपीएससी को भेजा है
यहर नहीं, सहायता प्राप्त कॉलेजों में प्राचार्य की नियुक्ति में देरी के चलते बाकी पदों की भर्ती अटकी हुई है। नूंह, पलवल और मेवात जैसे जिलों में यह संकट ज्यादा गहराया हुआ है। यहां सरकारी कॉलेजों में स्वीकृत पदों की तुलना में आधे से ज्यादा खाली हैं। नूंह के वाईएमडी महाविद्यालय में 22 में से 20 पद खाली हैं। सालाहेड़ी, पुन्हाना और तावडू के कॉलेजों में भी स्थिति गंभीर है। इन इलाकों में छात्रों को गेस्ट फैकल्टी और अस्थायी शिक्षकों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

