Gajraula News-अमरोहा/गजरौला: क्षेत्र के भूजल को जहरीला बनाने और लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (संयुक्त मोर्चा) का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। एनएच-9 (NH9) के किनारे नाईपुरा शाहबाजपुर डोर में चल रहा किसानों का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को 94वें दिन भी पूरे आक्रोश के साथ जारी रहा। इस बीच धरने को अन्य सामाजिक संगठनों का भी भारी समर्थन मिलना शुरू हो गया है।
दलित जन जागृति मिशन ने दिया खुला समर्थन
मंगलवार को धरना स्थल पर ‘दलित जन जागृति मिशन’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतवीर सिंह जाटव अपने कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे और किसानों के इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया। उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि इस क्षेत्र के लाखों लोगों के जीवन और आने वाली नस्लों को बचाने से जुड़ी है। जिस कारखाने ने यहां का पानी जहरीला किया है, उस पर जब तक ठोस और कठोर कार्रवाई नहीं हो जाती, हमारा संगठन ‘संयुक्त मोर्चा’ के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा।”
‘प्रशासन कर रहा कारखाने का बचाव, हजारों की जा चुकी है जान’
धरने का नेतृत्व कर रहे भाकियू (संयुक्त मोर्चा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश चौधरी ने अमरोहा जिला प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछले 94 दिनों से गजरौला क्षेत्र के किसान चिलचिलाती धूप और खुले आसमान के नीचे धरने पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
गंभीर आरोप: नरेश चौधरी ने दावा किया कि गजरौला क्षेत्र में जहरीले पानी के कारण अब तक हजारों लोगों की मौत कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों से हो चुकी है, जिसकी सीधी जिम्मेदारी जुबिलेंट (Jubilant) कारखाने की है।
उन्होंने कहा, “जुबिलेंट कारखाना खुद यह बात कबूल कर चुका है कि क्षेत्र का पानी उनकी वजह से जहरीला हुआ है, इसके बावजूद अमरोहा प्रशासन इस कारखाने पर कार्रवाई करने के बजाय उसे बचाने में जुटा हुआ है।”
अब 5 अप्रैल को जुबिलेंट के सामने होगा आर-पार का फैसला
किसानों के आक्रोश और प्रशासन की निष्क्रियता को देखते हुए मंगलवार को धरना स्थल पर ही राष्ट्रीय कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण पंचायत बुलाई गई। इस पंचायत में सर्वसम्मति से यह बड़ा निर्णय लिया गया कि अब आगामी 5 अप्रैल (रविवार) को जुबिलेंट कारखाने के ठीक सामने एक विशाल ‘महापंचायत’ का आयोजन किया जाएगा। इस महापंचायत में भारी भीड़ जुटाकर कारखाने पर ठोस कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।
धरने में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति: 94वें दिन के इस धरने में मुख्य रूप से राष्ट्रीय सचिव चंद्रपाल सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह, एहसान अली, शान चौधरी, सतवीर जाटव, होमपाल सिंह, रामफल सिंह, प्रेम सिंह, रामशरण सिंह, इंद्रपाल सिंह, गंगाराम सिंह, सोमपाल सिंह, ज्ञान सिंह, रामप्रसाद सिंह और पृथ्वी सिंह समेत भारी संख्या में आक्रोशित किसान और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

