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वन विभाग की टीम पर हमले में अज्ञात ग्रामीणों पर एफआईआर

On: December 25, 2025 7:48 PM
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वन विभाग की टीम पर हमले में अज्ञात ग्रामीणों पर एफआईआर

उझानी। गंगा पार अपनी भूमि को कब्जा मुक्त कराते हुए वन विभाग की टीम पर हमले में मामले में पुलिस ने ग्रामीणों की भीड़ में शामिल अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।वन कर्मियों पर पहले तो मौके पर ही हमलाकर उनके वाहनों में तोड़फोड़ की गई, फिर जान बचाकर भागते समय उन्हें भागते कासगंज जिले में नगरिया में घेरकर मारापीटा गया।वन विभाग के दरोगा शुभम प्रताप की तरफ से दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा गया है कि नगरिया, चंदनपुर पुख्ता, पिपरौल पुख्ता और बड़ेननगला निवासी ग्रामीणों ने मंगलवार तड़के हमला किया। वे सभी मफलर आदि से अपने चेहरे ढके हुए थे।वन विभाग की जमीन पर कब्जा करने वाले ग्रामीण ही हमलावर बताए गए हैं।हमलावरों ने वन कर्मियों की टीम में शामिल अफसरों को भी निशाना बनाने की कोशिश की। अफसरों में क्षेत्रीय वनाधिकारी विकास कुमार वरुण की भी निजी कार में तोड़फोड़ की गई।

आरोप है कि बचकर भागते समय वन कर्मियों को नगरिया में घेरकर पीटा गया। कुछेक कर्मचारियों को तो खेतों के रास्ते भागना पड़ा।

हमलावर अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 115 (2), 352, 324 (4), 132, भारतीय वन अधिनियम- 1927 की धारा- 26 और 64 में भी कार्रवाई की गई है। प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार ने बताया कि अज्ञात हमलावरों की शिनाख्त कराने के लिए पुलिस की तरफ से वन विभाग के कर्मचारियों से संपर्क साधा जाएगा। इसके बाद ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू होगी। हमलावरों को बख्शा नहीं जाएगा। बता दें कि वन विभाग की टीम इलाके में पौधारोपण कराने से पहले सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराने गई थी। उसी दौरान ग्रामीणों की भीड़ ने हमला कर दिया था।

गंगा किनारे का भूगोल बिगड़ने से होते हैं भूमि पर कब्जे:-कछला गंगा के किनारे वन विभाग समेत राजस्व विभाग की सैकड़ों एकड़ भूमि है। बाढ़ के दिनों में गंगा का जलस्तर बढ़ने पर इलाके के लोगों के खेत भी समा जाते हैं। जलस्तर घटने के बाद घाट समेत पूरे इलाके का भूगोल बिगड़ जाता है। हर साल ही राजस्व कर्मियों को पैमाइश करनी पड़ती है। इलाके के लोगों में चंद्रपाल ने बताया कि गंगा किनारे बसे गांवों में ऐसे दर्जनों लोग हैं, जिनकी कृषि योग्य भूमि कहां है, इस बार पता ही नहीं चल पाया है।गंगा की धार जब भी कासगंज जिले के छोर को छोड़ती है, तब उसी तरफ के भू- माफिया सरकारी जमीनों पर भी कब्जे कर लेते हैं।

कितनी भूमि हुई कब्जा मुक्त, एसडीओ से मांगी रिपोर्ट:-वन विभाग ने गंगा के किनारे चंदनपुर खंड में अपनी भूमि कब्जा मुक्त कराने के लिए कार्रवाई इसी सप्ताह शुरू की थी। वन रक्षक से लेकर कर्मचारी भी इस दौरान तीन-चार बार मौके पर पहुंचे। दो दिन पहले अफसरों को लगा कि दिन में कार्रवाई नहीं की जा सकती, इसलिए रात में फसलों को जोत डालने का निर्णय लिया गया। इसके बाद भी ग्रामीणों को कार्रवाई की भनक लग गई। कार्रवाई के दौरान कितनी भूमि को कब्जा मुक्त करा लिया गया है, डीएफओ निधि चौहान ने इसकी रिपोर्ट एसडीओ से मांगी है।
वन दरोगा की ओर से अज्ञात हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। कार्रवाई चल रही है।अब तक कितनी भूमि कब्जा मुक्त हुई है, इसकी रिपोर्ट मांगी है। पुलिस भी अपने स्तर से कार्य कर रही है।- निधि चौहान, डीएफओ

रिपोर्ट-जयकिशन सैनी

Aman Kumar Siddhu

He has 19 years of experience in journalism. Currently he is the Editor in Chief of Samar India Media Group. He lives in Amroha, Uttar Pradesh. For contact samarindia22@gmail.com

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