नई दिल्ली। Faridabad सुरक्षा एजेंसियां इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं कि कैसे एक सफेदपोश आतंकवादी नेटवर्क ने अमोनियम नाइट्रेट सहित भारी मात्रा में विस्फोटक हासिल करने और भंडारण करने में कामयाबी हासिल की। संदेह है कि इसी पदार्थ का इस्तेमाल सोमवार को लाल किला के पास हुए घातक विस्फोट में किया गया, जिसमें 12 लोग मारे गए। इस हमले ने एक बार फिर इस बात को उजागर कर दिया है कि अमोनियम नाइट्रेट जैसे प्रतिबंधित रसायन को कितनी आसानी से हथियार बनाया जा सकता है।
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अधिकारी हाल में पकड़े गए अंतरराज्यीय आतंकी सेल के खरीद नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। सोमवार शाम को लाल किले के पास हुए विस्फोट के कुछ ही घंटों बाद तीन डाक्टरों सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले 2,900 किलोग्राम विस्फोटक जब्त कर जैश-ए-मोहम्मद व अंसार गजवत-उल-हिद से जुड़े एक सफेदपोश आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ था। यह नेटवर्क कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था।
Faridabad अमोनियम नाइट्रेट दोहरे इस्तेमाल वाला रसायन है
अमोनियम नाइट्रेट दोहरे इस्तेमाल वाला रसायन है, जिसे नाइट्रोजन उर्वरक के रूप में और पत्थर की खदानों में नियंत्रित विस्फोट के लिए बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है। इससे पहले फरीदाबाद में 2900 किलो यही केमिकल मिला था।

