सोहना। भाजपा प्रदेश महामंत्री Dr. Archana Gupta ने कहा कि इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 को आपातकाल लगाकर संविधान और लोकतंत्र की हत्या की थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन किया और प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगा दिया।
उमर अब्दुल्ला पहलगाम हमले के दोषियों को बचाना चाहते हैं? : Kavinder Gupta
Dr. Archana Gupta बुधवार को सोहना स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में आयोजित गोष्ठी को संबोधित कर रही थी। डा. गुप्ता ने पत्रकारवार्ता कर सवालों के जवाब भी दिए और कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। डा. गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस ने संविधान को किस प्रकार कुचला गया, संविधान की भावना को सत्ता सुख के लिए किस प्रकार से रौंदा गया था, यह पूरा देश जानता है।
Dr. Archana Gupta ने कहा कि संविधान की हत्या करने वालों और इस घटना से लोगों को हुई तकलीफों के बारे में आज की पीढ़ी को जानकारी होनी चाहिए। आपातकाल हुई गोष्ठी की अध्यक्षता गुरुग्राम ग्रामीण जिला अध्यक्ष अजीत यादव ने की। गोष्ठी को गोविंद भारद्वाज और नागेन्द्र शर्मा ने भी संबोधित किया।
इस मौके पर लोकतंत्र सेनानियों व उनके परिजनों को सम्मानित भी किया गया। डा. अर्चना गुप्ता ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 की आधी रात को आंतरिक अशांति’ का बहाना बनाकर भारत पर आपातकाल थोप दिया। इंदिरा गांधी ने यह घातक निर्णय सत्ता बचाने की हताशा में लिया था।
उन्होंने कहा हिक आज 50 वर्ष बाद भी कांग्रेस उसी मानसिकता के साथ चल रही है, आज भी सिर्फ तरीकों का बदलाव हुआ है, नीयत आज भी कांग्रेस की तानाशाही वाली है।
Dr. Archana Gupta ने कहा कि मार्च 1971 में लोकसभा चुनाव में भारी बहुमत से जीतने के बावजूद इंदिरा गांधी की वैधानिकता को चुनौती मिली। इंदिरा गांधी के विपक्षी उम्मीदवार राज नारायण ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में चुनाव को भ्रष्ट आचरण और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के आधार पर चुनौती दी।
Dr. Archana Gupta संविधान की हत्या करने वालों और इस घटना से लोगों को हुई तकलीफों के बारे में आज की पीढ़ी को जानकारी होनी चाहिए
12 जून 1975 को कोर्ट ने इंदिरा गांधी को चुनाव में दोषी ठहराया और उन्हें 6 वर्षों तक किसी भी निर्वाचित पद पर रहने से अयोग्य करार दिया। उन्होंने कहा कि तब इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 को ’आंतरिक अशांति’ का हवाला देकर राष्ट्रपति से आपातकाल लगवा दिया। रातोंरात प्रेस की बिजली काटी गई, नेताओं को बंदी बनाया

