नयी दिल्ली: Congress ने मंगलवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) सरकार ने गुजरात समाचार के संचालक को गिरफ्तार करके यह साबित कर दिया है कि उसकी प्राथमिकता पहलगाम हमले के आतंकवादियों को गिरफ्तार करना नहीं बल्कि उससे इस मुद्दे पर सवाल पूछने वालों का मुंह बंद करना है।
ट्रेन टिकटों पर ऑपरेशन सिंदूर मोदी की फोटो छापना शर्मनाक: Congress
गुजरात विधानसभा में Congress सदस्य जिग्नेश मेवानी और सेवादल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी देसाई ने आज यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा,“ गुजरात की भाजपा सरकार दलित, पिछड़ा वर्ग, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाकर उन्हें बेघर कर रही है और जो भाजपा के आलोचक हैं उनको टारगेट किया जा रहा है। इन सब स्थितियों से साफ है कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता पहलगाम हमले के गुनहगारों को सजा देना नहीं बल्कि सरकार से सवाल पूछने वाले गुजरात समाचार जैसे संस्थानों का मुंह बंद करने के लिए उसके संचालक को प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) के जरिए गिरफ्तार करवाना जैसे काम रह गये हैं।”
उन्होंने गुजरात प्रदेश Congress की ओर से ‘गुजरात समाचार’ पर की गई कार्रवाई की कड़ी निंदा की और कहा कि पिछले कुछ दिनों में भाजपा सरकार ने कई मीडिया संस्थानों पर हमला किया है। उन्होंने कहा,“ अब गुजरात सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह सवाल पूछने पर अभी और पत्रकारों को भी टारगेट करेगी।
सरकार नहीं चाहती कि कोई भी पत्रकार या बुद्धीजीवि सरकार से तीखे सवाल पूछे। ‘गुजरात समाचार’ ने कांग्रेस के खिलाफ भी लिखा है लेकिन हमने कभी उनके यहां ईडी या सीबीआई नहीं भेजी या कभी छापेमारी नहीं करवाई।”
Congress नेताओं ने कहा,“ पहलगाम हमले के बाद, देश देखना चाहता है कि कब मोदी सरकार हमले के जिम्मेदार आतंकवादियों को गिरफ्तार करेगी। वो आतंकवादी कहां चले गए, वे पाकिस्तान वापस चले गए या भारत की जमीन पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार के पास इन सवालों का कोई जवाब नहीं है।”
Congress पहलगाम के आतंकवादियों को पकड़ना इस सरकार की प्राथमिकता नहीं
उन्होंने कहा,“आतंकवादियों को गिरफ्तार करने के बदले, सरकार ने इस मुद्दे पर सवाल पूछने वाले गुजरात के लीडिंग न्यूज पेपर ‘गुजरात समाचार’ के मैनेजिंग एडिटर को टारगेट किया है, ये भाजपा सरकार की मंशा को दिखाता है। ऐसा लगता है कि पहलगाम के आतंकवादियों को पकड़ना इस सरकार की प्राथमिकता नहीं है।
सरकार की प्राथमिकता है कि कैसे सत्ता से सवाल पूछने वाले अखबारों को बंद किया जाए। भाजपा सरकार बात करती थी आतंकवादियों को पकड़ने की लेकिन अब वो पत्रकारों को पकड़ने लगी है। खत्म करना था आतंकवाद को खत्म कर रहे हैं पत्रकारिता को।”

