चंडीगढ़। हरियाणा के Chief Minister Naib Singh Saini ने निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश में कहीं भी अनटैप्ड सीवरेज या औद्योगिक अपशिष्ट जल ड्रेन में प्रवाहित न हो, इसके लिए संबंधित विभागों द्वारा ऐसे सभी स्थानों की पहचान कर प्रभावी उपाय किए जाएं, ताकि गंदे पानी को ड्रेनों में गिरने से पूरी तरह रोका जा सके।
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प्रारंभिक चरण में अंबाला, कुरुक्षेत्र एवं यमुनानगर जिलों में इस दिशा में कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए आगामी तीन माह के भीतर इन जिलों में उल्लेखनीय सुधार किया जाए। मुख्यमंत्री आज यहां बजट घोषणाओं की प्रगति के बारे में बुलाई गई एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
Chief Minister Naib Singh Saini ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बजट घोषणाओं में किए गए सभी वादों को समय पर पूरा किया जाए ताकि प्रदेशवासियों को जल्द से जल्द इनका लाभ मिल सके।
उल्लेखनीय है कि नायब सिंह सैनी, जिनके पास वित्त मंत्री का दायित्व भी है, ने इस वर्ष मार्च में आयोजित विधानसभा सत्र के दौरान वर्ष 2025-26 के लिए राज्य बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की थीं।
अरावली क्षेत्र में बनने वाली जंगल सफारी की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वहां ऐसे जानवर रखें जाएं जो मानवता के लिए हानिकारक न हों। जंगल सफारी केंद्रीय जू अथॉरिटी के नियमों के तहत स्थापित की जाए। साथ ही मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए वहां ऐसे पौधों के बीज डाले जाएं जो प्राकृतिक रूप से उगकर स्थिर हो सकें।
उन्होंने पर्यावरण एवं वन विभाग की अन्य घोषणाओं की भी समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पर्यटन एवं विरासत विभाग की घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तीज-त्योहार, मेले और उत्सवों पर जनभागीदारी बढ़ाने के लिए इस वर्ष बजट में 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
पर्यटन एवं विरासत विभाग तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के साथ समन्वय कर ऐसे सभी मेलों का आयोजन सुनिश्चित करे, ताकि प्रदेश के सभी वर्गों में उत्साह एवं उल्लास की भावना का संचार हो सके।
Chief Minister Naib Singh Saini ने पर्यावरण एवं वन विभाग की अन्य घोषणाओं की भी समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए
Chief Minister Naib Singh Saini ने कहा कि पिंजौर के यादवेंद्र गार्डन की विरासत को संजोते हुए इसे और अधिक सुंदर बनाया जाए ताकि देशभर के पर्यटक यहां आकर आनंद ले सकें। बैठक में बताया गया कि केंद्र सरकार ने यादवेंद्र गार्डन और टिक्करताल, मोरनी के पुनर्विकास के लिए 90 करोड़ से अधिक की राशि मंजूर की है।

